
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉक्टर राजेश कुमार वर्मा पर लगे यौन उत्पीडऩ के आरोपों की जांच करने हाईकोर्ट के आदेश पर मप्र डीजीपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने जांच पड़ताल तेज कर दी है। वहीं
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से दो सहायक कुलसचिव सहित प्रदेश के कुल 15 अधिकारियों के तबादले उच्च शिक्षा विभाग ने कर दिए हैं। इसके साथ सहायक कुलसचिव सुनीता देवड़ी का तबादला कर दिया गया है जो कुलगुरु पर लगे आरोपों पर अहम गवाह है।
सहायक कुलसचिव को शहडोल के पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्व विद्यालय भेजा गया है। वहीं पं. शंभुनाथ विश्व विद्यालय में पदस्थ रहे पवन साहू का तबादला रादुविवि कर दिया गया है।
विदित हो कि महिला अधिकारी ने राज्यपाल, राज्य महिला आयोग, उच्च शिक्षा विभाग में शिकायत करते हुए बताया था कि 21 नवंबर को 3 बजे वह कुलगुरु कक्ष में चर्चा के दौरान अधीनस्थों को निर्देश देते हुए उनके प्रति अशोभनीय टिप्पणी और अभद्र इशारे किए हैं, जिसकी सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि की जा सकती है। विश्वविद्यालय के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में भी उनके खिलाफ अतिथि शिक्षकों और विभाग अध्यक्षों ने उनको अनुचित टिप्पणी की गई है। कुलगुरु डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने इस मामले को षड्यंत्र बताया था और आरोपों को निराधार बताया था। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर पीडि़ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। पहले जबलपुर कलेक्टर ने छह सदस्यीय समिति बनाकर जांच कराई जा चुकी है, समिति की रिपोर्ट से कलेक्टर संतुष्ट नहीं थे। जिसके बाद मामले में डीजीपी को एसआईटी गठित करने निर्देश दिए गए थे। एस आई टी डीवीआर जप्त करने के साथ कुलगुरु के बयान दर्ज कर चुकी है। एसआईटी 16 जून 2025 से पहले अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी।
