उज्जैन: लगभग 150 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक कोठी पैलेस अब “वीर भारत संग्रहालय” के रूप में पुनर्जीवित होने जा रही है. ग्वालियर रियासत काल में दरबार के रूप में उपयोग होने वाला यह भवन बाद में प्रशासनिक केंद्र बना, जहां से वर्षों तक कलेक्टर और अन्य अधिकारी कार्य करते रहे.
अब इसका 29 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया जाएगा. कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने नवभारत से चर्चा में कहा कि, स्मार्ट सिटी परियोजना अंतर्गत इसका कार्य मैसर्स उष्टा इंफिनिटी कंस्ट्रक्शन और श्रीनिवास पावर सॉल्यूशन को सौंपा गया है. निर्माण की समयसीमा 18 माह रखी गई है. 30 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने इसका भूमि पूजन किया था.
इस संग्रहालय में भारत के इतिहास, संस्कृति और महान विभूतियों का चित्रण किया जाएगा. यहां संतों, ऋषियों, सम्राटों, वैज्ञानिकों, समाज सुधारकों और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं व डिजिटल प्रस्तुतियां होंगी. सिंहस्थ 2028 से पहले इसे जनता के लिए खोलने का लक्ष्य है. यह प्रदेश का पहला ऐसा संग्रहालय होगा जो भारत की वीरता और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ दर्शाएगा
