मुंबई, (वार्ता) देश की प्रमुख पावर सेमीकंडक्टर निर्माता आरआईआर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने 31 मार्च 2025 को समाप्त तिमाही में 22.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 26.46 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 21.57 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया कि इस अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ (पीएटी) 2.58 करोड़ रुपये रहा जबकि ईबीआईटीडीए 3.33 करोड़ रुपये रहा। ईबीआईटीडीए और पीएटी मार्जिन क्रमशः 12.58 प्रतिशत और 9.75 प्रतिशत रहे और आय प्रति शेयर (ईपीएस) 3.51 रुपये दर्ज किया गया।
पूरे वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 29.2 प्रतिशत की वार्षिक राजस्व वृद्धि के साथ 86.21 करोड़ रुपये का कारोबार किया। वार्षिक ईबीआईटीडीए 11.02 करोड़ रुपये और पीएटी 8.02 करोड़ रुपये रहा, जो कि पिछले वर्ष से 3.7 प्रतिशत अधिक है। ईपीएस 10.91 रुपये रहा और बोर्ड ने दो रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है।
आरआईआर ने पूंजी बाजार में निवेशकों के लिए 1:1 बोनस शेयर और 10 रुपये से दो रुपये के स्टॉक स्प्लिट की भी घोषणा की, जिससे शेयरधारकों के लिए तरलता और मूल्य में इजाफा होगा। कंपनी ने ओडिशा में भारत की पहली एंड-टू-एंड सिलिकॉन कार्बाइड वेफर फैब प्लांट स्थापित करने की योजना के तहत 419.5 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह निवेश सिकैमोर सेमीकंडक्टर (अमेरिका) से तकनीकी प्रक्रिया जानकारी प्राप्त करने के लिए किया गया है।
इसके अलावा कंपनी ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई विसिकॉन पावर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड को सिलिकॉन पावर कॉरपोरेशन, अमेरिका को बेच दिया है। दीर्घकालिक रणनीति को दिशा देने के उद्देश्य से, कंपनी के संस्थापक डॉ. हर्षद मेहता को गैर-कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
डॉ. मेहता ने कहा, “वित्त वर्ष 2025 हमारे लिए परिवर्तनकारी रहा है। हमारी निरंतर लाभप्रदता और राजस्व वृद्धि आरआईआर की परिचालन दक्षता का प्रमाण है। ओडिशा की सिलिकॉन कार्बाइड फैब सुविधा घरेलू सेमीकंडक्टर निर्माण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली है।”
