जबलपुर: केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने रेलवे से पूछा है कि जब याचिकाकर्ताओं की जमीन अधिग्रहीत की है तो नियमानुसार नौकरी क्यों नहीं दी। कैट के न्यायिक सदस्य जस्टिस एके श्रीवास्तव व प्रशासनिक सदस्य मल्लिका आर्या की युगलपीठ ने पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक, कलेक्टर सीधी, तहसीलदार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।कैट में यह मामला सीधी निवासी ऋषि सिंह चौहान, दीपिका सिंह व बृजनंदन सिंह की ओर से दायर किया गया है।
जिनकी ओर से अधिवक्ता सचिन पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में शहडोल रेलवे प्रोजेक्ट के लिए उनकी जमीन अधिग्रहीत की गई थी। दलील दी गई कि नियमानुसार जमीन के बदले मुआवजे के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का प्रावधान है। याचिकाकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों को कई बार अभ्यावेदन दिये, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
