नयी दिल्ली 29 मई (वार्ता) भारत ने अमेरिका में छात्रों के वीसा आवेदनों को रोके जाने के फैसले काे अमेरिकी प्रशासन का संप्रभु फैसला बताया और कहा कि अमेरिकी प्रशासन को गुणदोष के आधार पर इस मामले को देखना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां नियमित ब्रीफिंग में इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि भारत के तीन लाख 30 हजार छात्र अमेरिका में हैं। अमेरिकी प्रशासन के वीसा को लेकर नये दिशानिर्देश आये हैं। भारत सरकार इन पर पैनी नज़र रखे है। वीसा नीति किसी भी देश का संप्रभु निर्णय होता है। हमारा मानना है कि छात्रों के वीसा आवेदनों को मेरिट यानी गुणदोषों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
अमेरिका के साथ जून में व्यापार समझौता होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच इस पर बातचीत अभी जारी है।
अमेरिका से अवैध रूप से रहने वाले भारतीयों के अमेरिका से निष्कासन का आंकड़ा पूछे जाने पर प्रवक्ता ने बताया कि जनवरी 2025 के बाद अब तक 1080 भारतीय स्वदेश आ चुके हैं। इनमें से 62 प्रतिशत लोग वाणिज्यिक उड़ानों से आये हैं।
अफगानिस्तान के नागरिकों को भारत में वीसा लेने में होने वाली दिक्कतों से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत ने अफगान नागरिकों को वीसा के लिए छह नयी श्रेणियां बनायीं हैं जिनमें वीसा का आवेदन कर सकते हैं।
