
(सुनिल योगी) बागली/बेहरी। इस वर्ष 25 मई से नौतपा शुरू ही हुए थे और 27 मई को रात्रि 11बजे से ही प्री मानसून ने अपना रोद्र रूप दिखा दिया भयंकर गर्जना के साथ लगभग 5 घंटे तक चली बे मौसम की बारिश से क्षेत्र के सभी छोटे बड़े नदी नाले उफान पर आ गए लोगों ने घरों से निकल कर रात्रि में हो रही बारिश को देखा रामपुरा मालीपुरा एवं गुवाड़ी के साथ-साथ बेहरी का भी संपर्क सुबह 3 से 6 तक कटा रहा
लगभग 2 से 3 घंटे के लिए अधिक पानी होने की वजह से किसान खेतों पर नहीं पहुंच पाए। क्षेत्र के वरिष्ठ किसानों ने बताया कि ऐसी बारिश रोहिणी नक्षत्र में वर्षों के बाद दिखाई दी है। 60% से अधिक किसानों के खेत तैयार नहीं हो पाए हैं। ऐसी स्थिति में आगामी फसल को लगाना परेशानी भरा हो सकता है। समझदार किसान बता रहे हैं की जमीन पूरी तरह ठंडी हो चुकी है। इससे उत्पादन पर असर गिरेगा हालांकि कुछ किसान हीरालाल गोस्वामी बता रहे थे कि ऐसी बारिश खरपतवार जरूर निकाल कर बाहर आएगा और उसका नष्टीकरण उचित प्रकार से हो जाएगा। बेहरी से निकलने वाली गनेरी नदी पर रपटे पर अत्यधिक पानी आने की वजह से अधिकतर किसान खेतों पर नहीं जा सके और दूध उत्पादन का भी नुकसान हुआ है। हालांकि 9 से 10 के बीच किसान खेतों पर पहुंचे और दूध निकाला तब तक दूध डेहरी का समय निकल चुका था। डेहरी संचालको ने भी बताया कि वर्षा से 200 से 300 लीटर दूध किसानों का नहीं आ पाया। दूसरी ओर बागली जैसे बड़े शहरों से बेहरी डेहरी पर कई लोग दूध लेने आते हैं । वह भी उफान के कारण नहीं आ पाए।
*मवेशियों के लिए रखा घास फूस भी खराब हो गया*
मवेशी पालक किसानों ने बताया कि समय से पूर्व इस प्रकार की तेज वर्षा आने के कारण खेतों पर रखा मवेशियों को खिलाने वाला घास फूस भी खराब हो गया निचली गलियों में पानी भर जाने से कई परिवार रात भर सो नहीं पाए वह अपना सामान भीगने से बचाते रहे कुछ परिवारों के घर में रखा अनाज भी और अन्य खाने का सामान भी खराब हो गया ।
*काली सिंध नदी भी रही उफान पर*
बागली के समीप से अमोदीया से निकलने वाली काली सिंध नदी भी बुधवार अल सुबह पूरी तेज बारिश से उफान पर रही बागली छतरपुरा नयापुरा एवं अवल्दा के साथ मोखा पिपलिया में इस नदी में बहुत पानी देखा गया यहां बने पुल एवं पुलिया वाले मार्ग पानी की वजह से कुछ घंटे तक बंद रहे आसपास के किसानों द्वारा बताया गया कि लगभग दर्जन भर किसने की सिंचाई मोटर जो नदी किनारे रखी हुई थी वह पानी में दूर तक बह गई ।
