
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने संभागायुक्त रीवा को दो सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही इस सिलसिले में जनहित याचिकाकर्ता को अवगत कराने कहा है। यदि जनहित याचिकाकर्ता जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुआ तो वह फिर से जनहित याचिका दायर करने स्वतंत्र होगा। मामला रीवा अंतर्गत ग्राम पंचायत जोन्हा अंतर्गत ग्राम मौहरिया में मरघट की भूमि पर एनसीसी कंपनी द्वारा इंटेक वेल बनाए जाने के रवैये को चुनौती से संबंधित है।
जनहित याचिकाकर्ता सरपंच धनेंद्र द्विवेदी की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि ग्राम पंचायत की आपत्ति के बावजूद मनमानी से निर्माण किया जा रहा है। इसलिए व्यापक जनहित में हाई कोर्ट की शरण ली गई है। इससे पूर्व प्रशासन को शिकायत सौंपी गई थी। लेकिन ठोस कार्रवाई नदारद रही। पूरे मामले का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
