
बीना। अनुविभागीय अधिकारी विजय डेहरिया ने गांव पहुंचकर पेड़ के नीचे बैठकर आम जनता की शिकायतों को सुना और निराकरण करने का प्रयास भी किया। शिकायतें सुनने के बाद पांच पंचायतों के एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों की शिकायतें सुनी। इनमें से उन्होंने 10 शिकायतों का मौके पर निराकरण किया। इसके साथ ही उन्होंने दो पंचायतों में फ्रूट फॉरेस्ट के लिए जमीन देखी है।एसडीएम विजय डेहरिया, जनपद सीईओ एसएल कुरेले, नायब तहसीलदार हेमराज सिंह मेहर के साथ सुबह करीब 10 बजे चमारी गांव पहुंचे। गांव में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत चल रहे तालाब गहरीकरण का काम देखा और ग्रामीणों को श्रमदान कर तालाब गहरीकरण में योगदान देने की बात कही।उन्होंने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण करने से भूमिगत जल स्तर बढ़ेगा, जिससे गर्मी के मौसम में जल संकट से लोगों को राहत मिलेगी। एसडीएम ने देवल, ढांड, चमारी सहित पांच पंचायतों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और 10 शिकायतों का निराकरण किया। फ्रूट फॉरेस्ट के लिए बिल्धव में उपयुक्त भूमि न मिलने पर वे कंजिया पहुंचे, जहां बेतवा नदी के पास 19 एकड़ शासकीय भूमि का निरीक्षण किया। भूमि उपयुक्त लगने पर मिट्टी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
