जयराम के बयान पर भाजपा का पलटवार, खीज निकालने के लिए इस तरह का बयान दे रही है कांग्रेस

नयी दिल्ली 21 मई (वार्ता) ऑपरेशन सिंदूर के बाद विभिन्न देशों में भेजे जा रहे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को सरकार की ओर से ‘ध्यान भटकाने का जरिया’ करार देने के कांग्रेस के आरोप पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि वह खीज निकालने के लिए छटपटाहट में इस तरह के बयान दे रही है।

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा की गई टिप्पणी कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को ‘ध्यान भटकाने का जरिया’ बताने वाले कांग्रेस नेता को पता होना चाहिए कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि 9 और 10 मई की रात उनके सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर ने उन्हें नींद से जगाकर बताया कि भारत ने नूरखान एयरबेस पर मिसाइल गिराई है।

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस समय अपनी खीझ और छटपटाहट में ऐसे बयान देने को मजबूर हो रही है, क्योंकि वह तथ्य और प्रमाण को स्वीकार नहीं कर पा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को इतना बड़ा घटनाक्रम भी नजर नहीं आता, तो स्पष्ट है कि उनकी दृष्टि से राष्ट्रवाद का पर्दा हट चुका है। उन्होंने कहा कि जहां तक कांग्रेस द्वारा ‘ ध्यान भटकाने’ के आरोप की बात है, तो यह भारत के सभी सांसदों का अपमान है। उन्होंने कहा कि श्री रमेश से यह पूछा जाना चाहिए, “ कि उनके नेता ध्यान लगाने विदेश जाते थे या देश को बदनाम करने? जब भी वे विदेश गए, देश को बांटने वाली कोई न कोई बात कहकर लौटे। आज पहली बार सभी दल एक साथ मिलकर भारत की एकजुटता का प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारी नीति सदैव स्पष्ट रही है, ऐसे अवसरों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर भारत की एकता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दर्शाना चाहिए, चाहे हम विपक्ष में हों या सत्ता में।”

भाजपा नेता ने कहा कि 1995 में जब भाजपा विपक्ष में थी और पाकिस्तान जिनेवा में कश्मीर को लेकर प्रस्ताव ला रहा था, तब नेता प्रतिपक्ष अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव का समर्थन करते हुए न केवल मंच साझा किया, बल्कि उन्हें श्रेय भी दिया। उन्होंने कहा कि यह बात स्वयं पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो ने नेशनल असेंबली में मानी थी कि भारत में विपक्ष राष्ट्रहित में सरकार के साथ खड़ा होता है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज की कांग्रेस पार्टी ऐसे बयान देती है, जो पाकिस्तान की मीडिया में सुर्खियां बनते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या जयराम रमेश का यह बयान भी पाकिस्तान की ‘पीआर एक्सरसाइज’ में इस्तेमाल होगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए। राष्ट्रीय एकता के इस मौके पर संयम बरतना और वोट बैंक की राजनीति को अलग रखना जरूरी है।

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