इंदौर:शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाली एक फर्जी एडवाइजरी कंपनी का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है. यह कंपनी युवतियों के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर ठगी करती थी. मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं, जबकि कंपनी की एचआर हेड नेहा से पूछताछ जारी है, जिसे ठगी की मास्टरमाइंड माना जा रहा है.
क्राइम ब्रांच की टीम ने उक्त कार्रवाई मुरैना में रहने वाले एक पीड़ित की शिकायत पर टीआई मॉल के पास धनलक्ष्मी सिक्योरिटी नामक फर्जी एडवाइजरी कंपनी पर की थी, यहां से सचिन उतरकर, आलोककुमार सिंह और तुषार बड़ोलिया को गिरफ्तार भी किया था. मामले में मास्टर माइंड ने पूछताछ में कुछ राज उगले है. क्राईम ब्रांच की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगी का तंत्र कंपनी की एचआर हेड नेहा संचालित कर रही थी.
वह एक दर्जन से अधिक युवतियों से ग्राहकों को फोन करवा कर निवेश का झांसा देती थी. हालांकि फिलहाल युवतियों को आरोपी नहीं बनाया गया है. गिरफ्तार आरोपी आलोककुमार सिंह आईटी एक्सपर्ट है. उसने पुलिस की दबिश के बाद कंपनी का सॉफ्टवेयर ब्लॉक कर दिया था. अब पुलिस उसकी मदद से डेटा रिकवर कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोगों से ठगी की गई. अब तक की जानकारी में सामने आया है कि कंपनी के पास करीब 5000 लोगों का डेटा था, जिन्हें ये लोग निशाना बना रहे थे. कंपनी ने एक फर्जी वेबसाइट भी बना रखी थी, जिस पर बैंक खाता नंबर दिया था.
यहीं पर लोगों से ठगी की गई रकम जमा करवाई जाती थी. पुलिस अब उस खाते को ब्लॉक करवा रही है और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है. इस गिरोह में एक आरोपी देवास का का रहने वाला है, ज्ञात हो कि पहले भी कई फर्जी एडवाइजरी कंपनियां देवास से संचालित होती पाई गई हैं. कुछ साल पहले एरोड्रम पुलिस ने एक अन्य फर्जी कंपनी की संचालिका पूजा थापा को भी गिरफ्तार किया था. इन कंपनियों में बड़ी संख्या में युवतियों को काम में लगाया जाता है, परंतु उनकी सीधी संलिप्तता प्रमाणित न होने पर उन्हें आरोपी नहीं बनाया जाता.
इंदौर बना फर्जी एडवाइजरी कंपनियों का गढ़
इंदौर में पिछले कुछ वर्षों में 100 से अधिक फर्जी एडवाइजरी कंपनियों का भंडाफोड़ हो चुका है. इन गिरोहों का फोकस अब इंदौर के बजाय बाहरी राज्यों के लोगों को निशाना बनाने पर है, जिससे स्थानीय पुलिस की पकड़ से बचा जा सके. लेकिन अब पुलिस ई-मेल और फोन के जरिए मिली शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है. क्राईम की टीम इस मामले में नेहा और अन्य युवतियों की भूमिका को लेकर पूछताछ हो रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पांच हजार लोगों का डेटा आखिर इन तक कैसे पहुंचा.
