नयी दिल्ली 17 मई (वार्ता) दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि यह खेदपूर्ण है कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अपनी गलती को स्वीकार करने की बजाय नगर निगम दल में विघटन के लिए भाजपा पर दोषारोपण कर रहे हैं, जबकि ‘आप’ को छोड़ अलग पार्टी बनाने वाले नेताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि 2022 चुनाव के बाद से ही ‘आप’ के नेतृत्व ने ना निगम प्रशासन चलाने पर ध्यान दिया और ना ही उनसे समन्वय बनाने पर।
श्री सचदेवा ने शनिवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी हठधर्मी के चलते नगर निगम की स्थाई समिति का गठन नहीं होने दिया और ना ही कभी अपने पार्षदों से संवाद बनाया, जिसके कारण आधे से अधिक कार्यकाल खत्म होने के बाद भी ‘आप’ पार्षद विकास का कोई कार्य नहीं शुरू करा पाये।
उन्होंने कहा कि विकास कार्य ठप्प होने के चलते आगामी चुनाव में जनता के बीच जाने की कल्पना से भयभीत 15 पार्षदों ने आज अपनी अलग पार्टी बनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि आप नेता भाजपा पर पार्टी विघटन का दोषारोपण करने की बजाय आत्म चिंतन करें। उन्होंने कहा कि इससे पहले तीन मंत्रियों सहित 15 से अधिक विधायक, 10 से अधिक पार्षद और एक राज्य सभा सांसद भी श्री केजरीवाल पर समन्वय के बिना पार्टी को चलाने और उसे बर्बाद करने का आरोप लगा चुके हैं।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सच यह है कि ‘आप’ के दस साल के विकास के विनाश, भ्रष्टाचार एवं घोटालों से त्रस्त पार्षदों एवं विधायकों ने पार्टी छोड़ी है। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि आप नेता अपनी ग़लतियों को स्वीकारने की बजाय भाजपा पर दोषारोपण कर रहे हैं।
