
भोपाल। कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को आधुनिक युग में प्रभावी कार्यप्रणाली और प्रबंधन कौशल सिखाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जीवन में प्रभावी और कुशल बनाने के साथ-साथ पार्टी की विचारधारा से मजबूत जोड़ बनाना है। कार्यकर्ताओं को मोबाइल मैनेजमेंट से लेकर चुनाव प्रबंधन तक के गुर सिखाये जायेंगे। पार्टी मान रही है कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति के व्यवहार और काम करने के तौर तरीके का कार्यकर्ताओं और आम जनता पर असर पड़ता है। ट्रेनिंग में मोबाइल मैनेजमेंट, मीडिया और सोशल मीडिया मैनेजमेंट भी सिखाया जाएगा।
प्रशिक्षण के प्रमुख विषय:
पार्टी का इतिहास और विचारधारा: कांग्रेस के ऐतिहासिक सफर और मूल विचारों की जानकारी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय: एआई युग में पार्टी के लिए इसका महत्व और उपयोग।
फेक न्यूज की पहचान: एआई के दौर में फेक कंटेंट और वास्तविक जानकारी की पहचान करने के तरीके।
सोशल मीडिया प्रबंधन: विरोधी दलों के दुष्प्रचार से निपटने की रणनीति।
मोबाइल और मीडिया मैनेजमेंट: कार्यकर्ताओं को डिजिटल उपकरणों और मीडिया प्रबंधन का प्रशिक्षण।
दरअसल कांग्रेस ने अपने कैडर मैनेजमेंट पर फोकस करने का निश्चय किया है। अपने सभी विधायकों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों, विधानसभा प्रभारियों को अब आवासीय प्रशिक्षण की तैयारी है। यह प्रशिक्षण अगले महीने 9 से 15 जून के बीच सर्वोदय आधारित होगा। जो दो से तीन दिन का होगा।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के चीफ सचिन राव और प्रदेश कांग्रेस के प्रशिक्षण विभाग द्वारा ये ट्रेनिंग कैम्प आयोजित किया जाएगा।
पार्टी के इतिहास से लेकर एआई को समझाएंगे
बीते 7 मई को भोपाल में एमपी कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के साथ हुई बैठक में ये तय हुआ है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को आइडियोलॉजी के आधार पर जोड़ने के लिए विधायकों, जिलाध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिए जाएं। सबसे पहले होने वाली ट्रेनिंग में कांग्रेस पार्टी के इतिहास, राजनीतिक सफरनामे से लेकर वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बताया जाएगा।
फेक और फैक्ट को कैसे पहचानें
कांग्रेस ने ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को ये बताया जाएगा कि वर्तमान में एआई के युग में फेक न्यूज और कंटेंट और फैक्ट को कैसे पहचानें। विरोधी दल द्वारा सोशल मीडिया पर किए जाने वाले दुष्प्रचार को रोकने के तौर तरीके भी बताए जाएंगे।
