मोबाइल एडिक्शन से बच्चे हो रहे बीमार, सही समय पर डॉक्टर से लें सलाह

इंदौर:मोबाईल ऐडिक्शन के चलते बच्चे मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं. एक जानकारी के अनुसार प्रति दिन सौ पालक गण अपने बच्चों को डॉक्टर के पास उनके इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. एक सर्वे में पता चला है कि बच्चे को खाना खिलाते समय, बच्चे के रोते समय, बच्चे के ज़िद करते समय, बच्चें को मोबाईल थमा देते हैं.

अब कुछ सत्रह से बावीस वर्ष के बच्चे भी मोबाईल ऐडिक्ट हो चुके हैं, जो उनको मानसिक रूप से इतना कमज़ोर कर रहा है कि वहां भविष्य में योग्य बनने के लायक नहीं रहते. एंजाइटी, डिप्ररेशन, एकाग्रता ख़त्म होती है. ऐसे में बच्चा शराब, सिगरेट, ड्रग्स जैसे मादक पदार्थो का सेवन करने लगते हैं. लक्षण देखते ही तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए.
इनका कहना है
मोबाइल का सही इस्तेमाल न करते हुए उसे सिर्फ मनोरंजन के रूप में अपने आप से जोड़े रखना यह घातक है. गर्मियों की छुट्टी में अपने विषय के अनुसार जॉब वर्क करें अपने आप को व्यस्त रखें.
नावेद हबीब
पहले खुद माता-पिता मोबाईल का चलन छोड़े क्योंकि जो आपका बच्चा देखता है वही खुद भी करता है. बच्चों को सयम दें. अलग-अलग गतिविधियों व्यस्त रखें., बच्चा पालक के मोबाईल से शुरूआत करता है.
रितु छाबरा
माता-पिता भ्रम में जी रहे है कि उनका बच्चा छोटी उम्र में अत्याधुनिक है. लेकिन वहां गर्त में जा रहे हैं. यही बात उनके लिए नशे की आधारशिला बन जाती है. ऐसे बच्चों के लिए एंजाईटी, डिप्रेशन, एकाग्रता ख़त्म होती है.
डॉ. अभय जैन, मनोचिकित्सक बॉम्बे हॉस्पिटल

Next Post

पंचायत के विकास बगैर समग्र भारत का विकास नहीं हो सकता

Fri May 16 , 2025
इंदौर: पंचायत क्षेत्र का विकास किए बगैर हम समग्र भारत के विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. शहरी क्षेत्र में हमारे देश में जो साधन और सुविधाएं उपलब्ध है वह सभी हमें ग्रामीण क्षेत्र में भी उपलब्ध कराना होगी.यह बात केरल के पुलिस महानिदेशक संजीव पतजोशी ने कही. […]

You May Like