गुना: भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर 12 मई को बेकाबू बस की टक्कर में जान गंवाने वाली चिकित्सक डॉ. आयशा खान गुना की रहने वाली थीं। 14 मई को आयशा की शादी गुना के ही एक होटल से होने जा रही थी। लेकिन इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मंगलवार को डॉ. आयशा शव गुना में ही सुपुर्द-ए-खाक किया गया है।
कर्नलगंज क्षेत्र में हैड पोस्ट ऑफिस क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद जाहिद खान की पुत्री डॉ. आयशा पिछले कुछ दिनों से भोपाल के जेपी कॉलेज में इंटर्नशिप कर रही थीं। 12 मई को आयशा जेपी कॉलेज से मुल्ला कॉलोनी भोपाल स्थित अपने आवास पर लौट रही थीं। इसी दौरान एक अनियंत्रित स्कूल बस के ब्रेक फेल हो गए। बस चालक काबू नहीं रख पाया और उसने बाणगंगा चौराहे पर लगे सिग्नल पर खड़े कई लोगों को कुचल दिया।
हादसे में डॉ. आशा खान की मौत हो गई थी। जबकि 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। इस दर्दनाक घटना के बाद डॉ. आयशा का शव गुना लाया गया, जहां 13 मई को परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। परिजनों के मुताबिक घर में आयशा की शादी की तैयारियां चल रही थीं।
14 मई को आयशा की शादी गुना के ही होटल नवलोक में होने वाली थी। उनका विवाह भोपाल निवासी इंजीनियर अदनान कुरैशी के साथ तय हुआ था। पूरा परिवार शादी की तैयारियों और खुशियों में डूबा था। इसी दौरान इस हादसे ने कुछ ही पलों में सबकुछ बदल दिया। घर के सदस्यों को समझ नहीं आया कि अचानक हुआ क्या है?
