नयी दिल्ली, (वार्ता) दूरसंचार विभाग (डीओटी) की दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास एजेंसी सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र की अत्याधुनिक डीप-टेक कंपनी सिनर्जी क्वांटम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ उन्नत क्वांटम प्रौद्योगिकी से सुरक्षित दूरसंचार प्रणालियों की प्रौद्योगिकी पर मिल कर काम करने का समझौता किया है।
दोनों के बीच इस मामले में एक करार पर हस्ताक्षर किए गए है। इस उद्देश्य ड्रोन आधारित क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन (क्यूकेडी) प्रणालियों के विकास में सी-डॉट और सिनर्जी क्वांटम के बीच सहयोग को औपचारिक रूप प्रदान करना है जिनमें दूरसंचार प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल) छह या उससे ऊपर की पोलराइजेशन (समन्वयकारी) एन्कोडिंग के लिए छद्म बीबी84 प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है।
दूरसंचार विभाग की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि यह साझेदारी आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत स्वदेशी अनुसंधान एवं नवाचार को मजबूती प्रदान करने तथा उभरती एवं सुरक्षित दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में भारत की क्षमता बढ़ाने के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है।
इस सहयोग अंतर्गत सी-डॉट और सिनर्जी क्वांटम संयुक्त रूप से ड्रोन-आधारित तैनाती के लिए अनुकूलित क्वांटम संचार प्रौद्योगिकियों के विकास को आगे बढ़ाएंगे।
सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा, “क्वांटम प्रौद्योगिकियों में अगली पीढ़ी के सुरक्षित संचार के लिए अपार संभावनाएं हैं और सिनर्जी क्वांटम के साथ यह सहयोग इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता बढ़ाने के हमारे साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है।”
सिनर्जी क्वांटम इंडिया के संस्थापक और सीईओ जय ओबेरॉय ने सी-डॉट के साथ काम करने पर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि “इस साझेदारी में भारत को ड्रोन-आधारित क्वांटम सुरक्षित संचार में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने की क्षमता है।”
