श्रीनगर, (वार्ता) जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई तेज करते हुए शहर के आठ ठिकानों पर व्यापक तलाशी ली और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया है।
यूएपीए मामलों में चल रही जांच के तहत सोमवार को पुलिस टीमों ने शहर भर में आठ ठिकानों पर व्यापक तलाशी ली, जिसमें संदिग्ध आतंकवादी सहयोगियों के आवासों पर विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित किया गया।
पुलिस ने पिछले एक पखवाड़े में श्रीनगर में अब तक 150 से अधिक संदिग्ध आतंकवादियों के सहयोगियों के आवासों की तलाशी ली है। पुलिस के एक बयान में कहा कि तलाश अभियान जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों की देखरेख में कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उचित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की गई।
पुलिस ने कहा कि ज़लदागर के आदिल मंजूर लंगू, डूमकदल के बासित बिलाल मकाया, रामपुरा के वसीम तारिक मट्टा, काव मोहल्ला के पूर्व आतंकवादी फैयाज अहमद लोन, आबी गुरपोरा के मोहम्मद अशरफ कालू और देवी आंगन हवल के काजी उस्मान के घरों की तलाशी ली गई। इस दौरान कलमदानपोरा के मुजफ्फर अहमद माग्रे और पालपोरा नूरबाग के शाहबाज फारूक भट को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने कहा, “देश की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी साजिश या आतंकवादी गतिविधि का पता लगाने और उसे रोकने के लिए साक्ष्य संग्रह और खुफिया जानकारी जुटाने के उद्देश्य से हथियार, दस्तावेज, डिजिटल उपकरण आदि जब्त करने के लिए तलाशी ली गई।”
बयान के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पुलिस की इस निर्णायक कार्रवाई का उद्देश्य राज्य में आतंकवादी तंत्र का समूल नाश करना है ताकि ऐसे राष्ट्र-विरोधी और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
श्रीनगर पुलिस ने कहा कि वह शहर में शांति और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
बयान में कहा गया है, “हिंसा, व्यवधान या गैरकानूनी गतिविधियों के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”
