
सीहोर. गौवंश की हालत कितनी बदतर है. यह गौशाला में जाकर देखा जा सकता है. यहां बात हो रही है समीपस्थ ग्राम बिलकीसंगज की गौशाला की, जहां भूख- प्यास से बेहाल गौवंश दम तोड़ रहे हैं. सोमवार को धार्मिक संगठन के पदाधिकारियों ने जब गौशाला का जायजा लिया तो हालात बदतर नजर आए.
लावारिस गौवंश के लिए गौशालाओं की स्थापना की गई है,लेकिन अधिकांश गौशालाएं अव्यवस्थाओं का पर्याय बनकर रह गई हैं. ऐसी ही एक गौशाला जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम बिलकीसगंज की है जिसका संचालन वर्तमान में ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है.
गौशाला में वर्तमान में 90 गौवंश, अधिकांश मृतप्राय:
बिलकीसगंज ग्राम की गौशाला का कुछ दिन पूर्व तक समूह द्वारा संचालन किया जा रहा था जो अब ग्राम पंचायत के हाथ में आ गया है. इसके बाद भी गौशाला की बदहाली पूर्व की तरह यथावत है. गौशाला के जिम्मेदारों की मानें तो गौशाला में वर्तमान में 90 गौवंश हैं. इनमें से अधिकांश दयनीय अवस्था में हैं. सोमवार को बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष रविन्द्र सिंह राजपूत व अन्य कार्यकर्ता जब गौशाला का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां काफी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं. गायों को जो भूसा दिया जा रहा था उसमें पौष्टिक दाना तो दूर भूसे में गोबर मिला हुआ था. इसके अलावा कई गौवंश मृतप्राय: अवस्था में पड़े नजर आए.
ग्राम पंचायत को हाल ही में गौशाला का संचालन करने का दायित्व मिला है. वर्तमान में गौशाला में पर्याप्त भूसा, दाना, पानी उपलब्ध है. इनकी देखरेख के लिए कर्मचारी भी है तथा डॉक्टर चैकअप करने आते हैं. गौशाला में अधिकांश गौवंश वृद्ध व कमजोर हैं जिसके कारण किसी की मौत भी हो जाती है, लेकिन इसमें हमारी कोई कमी नहीं.
राजेश जांगड़े,
सरपंच, ग्रापं बिलकीसगंज
