लखनऊ 08 मई (वार्ता) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बहराइच में दरगाह शरीफ के लगने वाले जेठ मेले पर रोक मामले में मेला प्रबंधन समिति को फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं दी है।
अदालत ने कहा है कि मामले में विपक्षी पक्षकारों का जवाब मांगे जाने तक कोई अंतरिम राहत दिया जाना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने राज्य सरकार समेत अन्य पक्षकारों को मामले में जवाब दाखिल करने का समय देकर अगली सुनवाई 14 मई को नियत की है।
न्यायाधीश राजन रॉय और न्यायाधीश ओम प्रकाश शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश बहराइच की दरगाह शरीफ प्रबंध समिति की ओर से इसके चेयरमैन द्वारा दाखिल याचिका पर दिया। याचिका में बहराइच के जिलाधिकारी के 26 अप्रैल के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें सैयद सालार मसूद गाजी के दरगाह के पास हर साल लगने वाले जेठ मेले की इस बार अनुमति नहीं दी गई थी।
याची ने इसे कानून की मंशा के खिलाफ कहकर जिलाधिकारी को मेले की अनुमति देने का निर्देश देने का आग्रह किया। उधर, सरकारी वकील ने डीएम के आदेश को उचित कहकर याचिका का विरोध किया। कोर्ट ने अंतरिम राहत की अर्जी पर अगली सुनवाई पर गौर करने का आदेश देकर सरकार समेत पक्षकारों को याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर जवाब पेश करने का समय दिया है।
गौरतलब है कि सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर करीब 800 वर्षों से जेठ मिले का आयोजन होता है, लेकिन इस वर्ष जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था के नाम पर मेला लगाने की अनुमति नहीं दी थी। इसी के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
