चेन्नई 07 मई (वार्ता) तमिलनाडु में सत्तारुढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) ने अपनी चार साल की उपलब्धियों पर भरोसा करते हुए पार्टी के द्रविड़ मॉडल शासन ने बुधवार को अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश किया तथा विपक्ष द्वारा दावा किए गए तथाकथित सत्ता विरोधी कारक पर काबू पाने और अगले साल के विधानसभा चुनावों में सातवीं बार सरकार बनाने का विश्वास जताया।
मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने अपने कार्यकाल के पांचवें वर्ष में प्रवेश करने की पूर्व संध्या पर पार्टी के सत्ता बरकरार रखने और सातवीं बार सरकार बनाने का भरोसा जताया। उन्होंने परंपरा के अनुसार अपने पांचवें कार्यकाल के पांचवें वर्ष के दिन की शुरुआत अपने पिता , पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक संरक्षक एम करुणानिधि और संस्थापक सी एन अन्नादुरई के मरीना बीच पर स्थित समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करके की और साथ ही समाज सुधारक पेरियार की समाधि पर भी गए।
उन्होंने इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में नई बसों को हरी झंडी दिखाने सहित कुछ कल्याणकारी योजनाओं का भी शुभारंभ किया।
मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक द्वारा दो साल के अंतराल के बाद भाजपा के साथ संबंधों को फिर से शुरू करने का अप्रत्यक्ष संदर्भ देते हुए श्री स्टालिन ने विपक्ष के कथित सत्ता विरोधी कारक के आरोपों को खारिज करते हुए इसे अवसरवादी करार दिया और कहा कि द्रमुक को हटाकर अगली सरकार बनाने का उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा।
उन्होंने टीवीके के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय के सरकार बनाने के दावे पर भी अप्रत्यक्ष रूप से कटाक्ष किया और कहा कि जो लोग नई पार्टी बनाकर राजनीति में आए हैं वे मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे।
मुख्यमंत्री कल शाम यहां द्रमुक मुख्यालय ‘अन्ना अरिवलयम’ में पार्टी के एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
श्री स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकार की चार साल की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने का आग्रह करते हुए उस समय आत्मविश्वास से लबरेज होकर कहा कि द्रमुक सत्ता बरकरार रखते हुए सातवीं बार सरकार बनाएगी।
इससे पहले कार्यालय में पांचवें वर्ष में प्रवेश करने की पूर्व संध्या पर पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे एक पत्र में श्री स्टालिन ने समावेशी और न्यायसंगत विकास पर ध्यान केंद्रित किया, जिसे उन्होंने 2021 में इस दिन कोविड महामारी के चरम के बीच पदभार ग्रहण करने के बाद से सुनिश्चित किया था और विभिन्न बाधाओं के बीच उन्होंने इससे निपटने के उपायों को याद किया।
उन्होंने कहा कि इसी आत्मविश्वास के साथ वे पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, साथ ही उन्होंने और अधिक योजनाएं लागू करके लोगों के कल्याण के लिए काम करने का वादा किया। उन्होंने विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए जिसमें तमिलनाडु को दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना और इसे विभिन्न क्षेत्रों में नंबर एक बनाना शामिल है, जिसे कई मापदंडों पर केंद्र ने भी समर्थन दिया है।
श्री स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु की भूमि समानता, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, समानता, भाईचारे, भाषाई गौरव, जातीय अधिकारों के अलावा राज्य की स्वायत्तता और संघवाद के सिद्धांतों पर बनी है।
उन्होंने कहा ”हम इन्हीं आदर्शों के साथ पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं और द्रमुक 2026 में शानदार जीत के साथ सातवीं बार सरकार बनाएगी।”
श्री स्टालिन ने कहा कि शुरू में उन्होंने कहा था कि द्रमुक 200 सीटें जीतेगी। लेकिन अपने दौरे के दौरान लोगों के समर्थन को देखते हुए पार्टी को 234 सीटों पर जीत का भरोसा है।
उन्होंने अन्नाद्रमुक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग लगातार चुनावों में हार से निराश होकर अवसरवादी गठबंधन बना रहे हैं और अपने गुप्त सहयोगियों के साथ तमिलनाडु को धोखा दे रहे हैं, वे सोच रहे हैं कि क्या 2026 के विधानसभा चुनावों में द्रमुक को हराया जा सकता है। ”लेकिन तमिलनाडु के लोग साबित करेंगे कि उनकी राजनीतिक गणना त्रुटिपूर्ण है।”
उन्होंने कहा ”7 मई को हमारे द्रविड़ मॉडल शासन के चार साल पूरे हो रहे हैं और यह अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। तमिलनाडु के लोगों ने हम पर भरोसा किया और हम ‘सबके लिए सब कुछ’ के लक्ष्य से प्रेरित होकर सुशासन और जन-केंद्रित योजनाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों में तमिलनाडु एक अग्रणी राज्य बन गया है। जो लोग वैचारिक रुप से हमारे विरोधी हैं वे अन्य राज्यों पर शासन कर रहे हैं, उन्होंने भी हमारी पहल का अनुसरण करना शुरू कर दिया है।
