इस्लामाबाद 06 मई (वार्ता) भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस यात्रा के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से बच रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंसों ने यह कदम जम्मू-कश्मीर में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद उठाया गया है जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे।
एयर फ्रांस ने सीएनएन को दिए एक बयान में कहा कि उसने “भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में बढ़ते तनाव के कारण अगली सूचना तक इस्लामाबाद के हवाई क्षेत्र से उड़ानें निलंबित कर दी हैं।”
फ्रांस की अग्रणी एयरलाइंस ने कहा, “एयरलाइन अपनी उड़ान अनुसूची और कुछ गंतव्यों के लिए उड़ान योजनाओं को अनुकूलित कर रही है और कहा कि कुछ मार्गों पर उड़ान के लिए अधिक समय की आवश्यकता होगी।”
जर्मनी के अग्रणी एयरलाइंस लुफ्थांसा ने अगली सूचना तक पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से उडान भरने से बचने की पुष्टि की। उड़ान ट्रैकिंग डेटा से हालांकि पता चला है कि ब्रिटिश एयरवेज, स्विस इंटरनेशनल एयर लाइन्स और अमीरात की कुछ उड़ानें अरब सागर से यात्रा करने के बाद पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से बचने के लिए भारत के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर रही है।
ब्रिटिश एयरवेज और अमीरात ने टिप्पणी का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है।
एयर फ्रांस ने एक बयान में कहा, “एयरलाइन ने अगले आदेश तक पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान को निलंबित करने का फैसला किया है।” इसकी वजह भारत और पाकिस्तान के बीच “हाल ही में तनाव बढ़ने” का हवाला दिया गया है।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार एयरलाइन ने कहा कि वह दिल्ली, बैंकॉक और हो ची मिन्ह जैसे गंतव्यों के लिए अपनी उड़ान अनुसूची और उड़ान योजनाओं में बदलाव कर रही है। इसकी वजह से उड़ान का समय बढ़ जाएगा। पहलगाम आतंकवादी हमले ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को एक और बड़ा झटका दिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास युद्ध के कारण उड़ानें पहले से ही मुश्किल हो गई हैं।
भारत-पाकिस्तान के बीच नए तनाव ने स्थिति को और भी खराब कर दिया है। एयरलाइनों को लंबे मार्ग से चलने के लिए अधिक ईंधन खपत करना पड़ रहा है, जिससे उड़ानें अधिक महंगी एवं अधिक समय लगेगा। फिलहाल दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं।
भारत ने पाकिस्तान के आतंकवादी हमले कई ठोस कदम उठाये, जिनमें अटारी सीमा को बंद करना, पाकिस्तान के साथ सभी व्यापार पर प्रतिबंध, अपने राजनयिक कर्मचारियों की संख्या को कम करना, सिंधु जल संधि को रद्द करना और आईएमएफ जैसे वैश्विक निकायों पर सक्रिय रूप से दबाव डालना शामिल है।
पाकिस्तान ने मिसाइल परीक्षण करके, संघर्षविराम को उल्लंघन और अरब सागर में नौसैनिक अभ्यासों को तीव्र करके अपनी ताकत दिखा रहा है।
भारत ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में अपने सैन्यीकरण को बढ़ा दिया है, पाकिस्तान में चिनाब नदी के जल प्रवाह को रोक दिया है और अब गृह मंत्रालय के आदेश पर 244 जिलों को कवर करते हुए एक विशाल अभ्यास में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सुरक्षा मॉक ड्रिल कर रहा है। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के बाद से ऐसा अभ्यास नहीं देखा गया है।
