मुंबई, (वार्ता) बॉलीवुड स्टार और फिल्म निर्माता आमिर खान का कहना है कि वह तीन-चार महीने तक सिर्फ स्क्रिप्ट पर ही काम करते हैं।
आमिर खान ने आज विश्व श्रृव्य दृश्य विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 में क्रिएटोस्फियर के मंच से ‘अभिनय की कला’ पर दिए गए अपने व्यावहारिक सुझावों से कई लोगों का दिल जीत लिया। आमिर खान ने कहा कि यह व्यावहारिक सलाह फिल्म निर्माण में उनके वर्षों के अनुभव से आई है।उन्होंने कहा,मैं एक प्रशिक्षित अभिनेता नहीं हूं। मैं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा जाना चाहता था, लेकिन नहीं जा सका। मैंने रास्ते में कुछ टिप्स सीखे हैं, जो मेरे लिए कारगर साबित हुए हैं।
आमिर खान ने फिल्म निर्माण के भविष्य के बारे में बात करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक ने बिना अभिनेता के भी फिल्म की शूटिंग को संभव बना दिया है। एआई और तकनीक बाद में अभिनेता को भी दृश्य में जोड़ने में सक्षम है।
आमिर खान कहा कि एक अभिनेता के लिए सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण काम किरदार के दिमाग में उतरना होता है। उन्होंने कहा,“मैं स्क्रिप्ट के साथ बहुत समय बिताता हूं। मैं स्क्रिप्ट को बार-बार पढ़ता हूं। यदि स्क्रिप्ट अच्छी है, तो आप किरदार को समझ पाएंगे, उसकी शारीरिक बनावट, रवैया आदि सब उसमें से ही निकलेगा।” इसके अलावा, निर्देशक के साथ किरदार और कहानी पर चर्चा करने से भी एक आइडिया मिलता है।
आमिर खान ने बताया,“मेरी याददाश्त कमज़ोर है। इसलिए, मैं हाथ से संवाद लिखता हूं। मैं सबसे पहले मुश्किल दृश्यों को लेता हूं। संवाद मुझे याद होने चाहिए। पहले दिन, मैं बस उस पर काम करता हूं। मैं इसे तीन-चार महीने तक हर दिन करता हूं, और फिर यह मेरे अंदर समा जाता है। संवाद आपके होने चाहिए। आपको इसे अपनाना होगा। जब यह लिखा गया था तो यह स्क्रिप्ट-राइटर का था। बाद में यह आपका हो जाता है। जब आप एक ही लाइन को दोहराते हैं, तो आपको एहसास होता है कि आप इसे कई तरीकों से कर सकते हैं।”
