
खण्डवा। जिला जेल 42.5 तापमान में गर्मी के भीषण प्रकोप से गुजर रही है। बैरक आग उगल रहे हैं । कैदियों का ओवर-फ्लो इन्हें प्राकृतिक सजा भी दे रहा है । 27 कैदियों को खुजली की बीमारी ने घेर रखा है। पीने का पानी भी शरबत जैसा मिल रहा है। जेल मैन्युअल के तहत मिलने वाले साबुन और तेल भी गायब हैं। गंदगी के कारण खुजली (स्कीन) के कैदी बढ़े हैं। आश्चर्यजनक और बड़ी बात तो यह है, कि एक कैदी को खतरनाक रोग हेपेटाइटिस-बी भी पाया गया! सवाल यह है कि क्या ऐसे कैदी का जेल मैनेजमेंट तरीके से उपचार करवा पा रहा है? शुगर और अन्य पेशेंट 29 हैं, जिन्हें रोज दवाओं की आवश्यकता होती है। सब्जी में मसाले तो दूर सस्ता ? 1 किलो वाला नमक भी कंजूसी से दिया जाता है। जेल में स्वास्थ्य शिविर लगा तो उसके आंकड़े यहां की गंभीर स्थिति को दर्शा रहे हैं। यह सब मन माफिक आंकड़े नहीं हैं। सभी बंदियों को वायरल हेपिटाइटिस, ट्यूबर क्लोसिस एवं एच.आई.वी. एड्स बीमारी के बारे में समझाया गया।
