भोपाल। छोटा तालाब इन दिनों नालों और सीवेज के गंदे पानी के मिलने से प्रदूषित हो रहा है। इस समस्या ने न केवल तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डाल दिया है। छोटा तालाब,पुराने शहर के रहवासियों के लिए शुरू से ही एक महत्वपूर्ण जल स्रोत रहा है। जिसके साथ ही भूजल स्तर को बनाए रखने और आसपास के क्षेत्र की जलवायु को संतुलित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले नालों और सीवेज का अनियंत्रित प्रवाह इस तालाब में लगातार बढ़ता गया है।पानी में घुलित ऑक्सीजन का स्तर खतरनाक रूप से कम हो गया है, जिससे जलीय जीवन पर भी संकट मंडरा रहा है। मछलियां और अन्य जलीय जीव मरने लगे हैं।
शहर के निगम दफ्तर में गन्दा पानी आने को लेकर कई बार शिकायत कर चुके है, पर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई. जिसके कारण पानी के बर्तनो में फिटकरी डाल कर पीने के उपयोग में लेना पड़ रहा है.
प्रतिक लिल्हारे, रहवासी ,लोअर लेक भोपाल
राजधानी के छोटे तालाब में बाणगंगा समेत अन्य इलाकों के नालों का पानी मिलता है, शिकायतों के बाद इन नालों को ट्रैप करने का प्लान रेडी हो चूका है जो की आने वाले समय में लागू होगा
प्रमोद मालवीय, झील संगरक्षण ,नगर निगम भोपाल
