भोपाल, 01 मई (वार्ता) केंद्र सरकार की ओर से आगामी जनगणना में जाति गणना को शामिल किए जाने के निर्णय को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अडिग लड़ाई ने भारतीय जनता पार्टी सरकार को ये फैसला लेने पर मजबूर कर दिया और ये जनगणना राज्य में वंचितों को उनका हक दिलाने में गेमचेंजर साबित होगी।
श्री पटवारी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री गांधी की अडिग लड़ाई ने भाजपा को एक बार फिर घुटने टेकने पर मजबूर किया और जातिगत जनगणना का निर्णय लेना पड़ा। यह श्री गांधी का विजन है जो ओबीसी, दलित, आदिवासी समुदायों को उनका हक दिलाएगा। मध्यप्रदेश कांग्रेस उनके साथ है। श्री गांधी ने 2023-24 में संसद, रैलियों, सोशल मीडिया पर जातिगत जनगणना को राष्ट्रीय मुद्दा बनाया। तेलंगाना मॉडल को सामने लाकर, 50 फीसदी आरक्षण सीमा हटाने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि इसके पहले श्री गांधी ने किसान कानूनों को रद्द करवाया, अग्निवीर योजना में सुधार करवाया, लेटरल एंट्री भर्ती रद्द की, और जीएसटी दरें कम करवाईं। नोटबंदी और कोविड लॉकडाउन की उनकी चेतावनियां सटीक थीं। राहुल गांधी की दूरदर्शिता बेजोड़ है।
श्री पटवारी ने दावा किया कि मध्यप्रदेश में ओबीसी, दलित, आदिवासी समुदायों को हक दिलाने के लिए जातिगत जनगणना गेम-चेंजर होगी। मध्यप्रदेश कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि यह प्रक्रिया पारदर्शी हो और हर वंचित तक न्याय पहुंचे।
