जबलपुर: भेड़ाघाट नगर परिषद में आदेश की अवहेलना करते हुए पुनः निर्माण करने के खिलाफ कलेक्टर को शिकायत की है। अधारताल निवासी राजू ने बताया कि 27 मार्च 2024 को न्यायालय द्वारा भेड़ाघाट एवं नर्मदा नदी से 300 मी. नव निर्माण पर रोक लगी है, जिससे वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकता है।
उसके बाद भी भे.न.परि. में सीएमओ विक्रम सिंह झाड़िया की उपस्थिति में निरंतर कोर्ट की अवमानना करते हुए व नवनिर्माण कराए जा रहे है। इसके अलावा उसी नव निर्माण को पुराना दिखाने के लिए दस्तावेजों में हेर फेर कर दी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव के कारण कोई आवाज नहीं उठाता। कलेक्टर से शिकायत की है कि इस पर तत्काल रोक लगना चाहिए।
भविष्य में पर्यटकों की जान को खतरा
इसके साथ ही भेड़ाघाट की रहने वाली पूनम आनंद ने गोरखपुर तहसीलदार को आवेदन देकर आरोपित तौर पर किए जा रहे अवैध निर्माण के संबंध में आवेदन पेश किया है। दावा किया गया है कि यदि ये निर्माण हुये तो भविष्य में पर्यटकों की जान को खतरा हो सकता है। पूनम आनंद ने आवेदन में कहा है कि फागूलाल यादव द्वारा खसरा नंबर 76/1 के भाग 76/1/1/4 में पक्का निर्माण किया जा रहा है।
ये निर्माण बिना अनुमति के हो रहा है। वहीं, अंजना झारिया चौसठ योगिनी मंदिर के सामने स्थित भूमि पर पक्का निर्माण जारी है, जिसकी शासकीय तौर पर अनुमतियां नहीं ली गई हैं। शिकायतों के बाद भी सरकारी अमला गुपचुप तमाशा देख रहा है। इस प्रकरण में भेड़ाघाट नगर परिषद के अधिकारियों से शिकायतें की गई। लेकिन अभी तक कार्रवाई न होना आश्चर्यजनक है।
