
*साइबर लॉ इन द डिजिटल एरा प्रोटेक्टिंग, प्राइवेसी, सिक्योरिटी रही थीम*
ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय ग्वालियर द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन आज हुआ। राष्ट्रीय कार्यशाला की थीम साइबर लॉ इन द डिजिटल एरा प्रोटेक्टिंग, प्राइवेसी, सिक्योरिटी एंड ह्यूमन राइट्स रहा। समापन सत्र के अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर विनोद भारद्वाज रिटायर्ड डिस्ट्रिक जज एवं पुलिस ट्रेनिंग स्कूल ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक अखिलेश रेनवाल एवं विशिष्ट अतिथि आईटीएम यूनिवर्सिटी की डीन फैकल्टी डॉक्टर शोभा भारद्वाज थी। कार्यक्रम के स्पेशल इनवाइटिंग के तौर पर डॉक्टर हरिओम अवस्थी प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ग्वालियर, डॉक्टर स्नेहा राजपूत प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ग्वालियर, डॉ समता जैन, डॉ उमेश गौतम, डॉ नंदन वेलंकर उपस्थित रहे। संगोष्ठी की ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉक्टर नीति पांडे ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यशाला में 50 से भी अधिक अलग-अलग टेक्निकल सेशन में शोधार्थियों द्वारा पेपर प्रेजेंट किए गए। कॉन्फ्रेंस में बेस्ट पेपर प्रजेंट के तीन अवार्ड क्रमशः डॉक्टर मनीष भारद्वाज सहायक प्राध्यापक एमिटी यूनिवर्सिटी, कु. गरिमा शर्मा शोधार्थी एवं कु. कीर्ति यादव जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर को दिए गए। कार्यक्रम में कॉन्फ्रेंस की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डॉक्टर नीति पांडे ने सभी प्रेजेंटड की समरी प्रस्तुत करते हुए कहा कि कंप्यूटर इंवेकशन ने जहां एक और जीवन को बहुत आसान बना दिया है। इंसान द्वारा घंटे में किए जाने वाले काम आज मशीन के माध्यम से मिनट में किया जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ टेक्नोलॉजी का विस्तार कई तरह से साइबर अपराधों के लिए भी जिम्मेदार है। मानव अधिकार सभी के लिए आवश्यक है क्योंकि यह मानव की गरिमा, स्वतंत्रता एवं समानता के साथ-साथ स्वस्थ एवं न्याय संगत समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। बिना मानव अधिकारों के हम लोक कल्याणकारी राज्य की कल्पना भी नहीं कर सकते वही टेक्नोलॉजी के बिना भी सरवाइव नहीं कर सकते, बढ़ता हुआ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कई तरह के साइबर क्राइम जैसे हैकिंग, आइडेटिटि थेफ्ट, ऑनलाइन स्केम सभी का उद्देश्य डाटा चोरी करना, पैसे ऐठना। ख्याति की अपहानि करना है, वर्कशॉप को कनक्लूड करते हुए विशिष्ट अतिथि डॉ. शोभा भारद्वाज ने कहा कि साइबर क्राइम के लिए स्पेसिफिक साइबर कानून की आवश्यकता है। केवल आईटी एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 के प्रावधान पर्याप्त नहीं है, उन्होंने कहा कानून तब तक प्रभावित नहीं होंगे, जब तक पब्लिक जागरूक नहीं होती, एवं टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से पहले सुरक्षा के उपायों से अवगत नहीं होती। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिलेश रेनवाल ने कहा कि साइबर क्राइम के ज्यादातर मामले रिपोर्ट ही नहीं किए जाते और अधिक कर भी दिए जाते हैं तो ट्रेंड ऑफिसर के अभाव में कनविक्शन रेट बहुत ही लो है, उन्होंने कहा हालांकि न्यायपालिका एवं विधायक अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर अपराधों को रोकने के प्रयास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण कु. अजिता सिंह चौहान ने एवं वोट आफ थैंक्स डॉ. नीति पांडे ने किया, संचालन पलाश कालरा ने किया।
