मुंबई, 29 अप्रैल (वार्ता) देश की प्रमुख गैर बैंकिंग वित्तीय सेवा कंपनी बजाज फाइनेंस लिमिटेड (बीएफएल) का 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में सकल शुद्ध मुनाफा इसके पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 3,824.53 करोड़ रुपये के मुकाबले 18.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी लेकर 4,545.57 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की अंतिम तिमाही में उसे 4,545.57 करोड़ रुपये का सकल शुद्ध मुनाफा हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 की इसी तिमाही के 3,824.53 करोड़ रुपये से 18.9 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में उसकी कुल आय 14,931.84 करोड़ रुपये से 23.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी लेकर 18,468.74 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह उसका कुल व्यय भी 9,829.77 करोड़ रुपए से 30.5 प्रतिशत बढ़कर 12,830.18 करोड़ रुपये रहा।
बीएफएल ने बताया कि 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2024-25 में उसे 16,779.48 करोड़ रुपये का सकल शुद्ध मुनाफा हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 के 14,451.17 करोड़ रुपये से 16.1 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में उसकी कुल आय 54,982.51 करोड़ रुपये से 26.8 प्रतिशत बढ़कर 69,724.78 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इसी तरह उसका कुल व्यय 35,680.58 करोड़ रुपये के मुकाबले 33.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी लेकर 47 ,662.96 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के निदेशक मंडल ने मंगलवार को हुई बैठक में तीन अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। पहला, बीएचएफएल में निवेश की बिक्री से सितंबर 2024 में संभावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लिस्टिंग के माध्यम से प्राप्त होने वाले असाधारण लाभ के आधार पर 12 रुपये प्रति इक्विटी शेयर विशेष अंतरिम लाभांश देने का निर्णय लिया गया है।
दूसरा, निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 के मुनाफे में से 44 रुपये प्रति इक्विटी शेयर (दो रुपये अंकित मूल्य के आधार पर 2200 प्रतिशत) का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगा। पिछले वर्ष कंपनी ने 36 रुपये प्रति शेयर (दो रुपये अंकित मूल्य पर 1800 प्रतिशत) का अंतिम लाभांश दिया था।
तीसरा और महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि कंपनी के शेयरों को दो रुपये के अंकित मूल्य से उप-विभाजित कर एक रुपये के पूर्ण भुगतान इक्विटी शेयरों में बदला जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक एक रुपये अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयर पर चार बोनस इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। यह प्रस्ताव भी शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन रखा गया है।
