DGP का फरमान लोकतंत्र पर हमला और वर्दी का अपमान, इसे वापस लो

भोपाल: मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज कहा कि कांग्रेस यह मानती है कि सम्मान काम से मिलता है, सलामी से नहीं। उन्होंने डीजीपी के उस फरमान को सरकार से तुरंत वापस लेने की मांग की है, जिसमें सांसदों और विधायकों को सैल्यूट करने के लिए कहा गया है। उन्होंने इसे “लोकतंत्र पर हमला और वर्दी का अपमान” बताया है।
पटवारी ने कहा कि जब राज्य की कानून व्यवस्था चरमरा रही है और पुलिस खुद अपराधियों के निशाने पर है, तो सरकार पुलिस को न्याय दिलाने के बजाय उन्हें सत्ता के प्रतीकों के सामने झुकने का आदेश दे रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह आदेश जनतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों और संविधान की आत्मा “जनता सर्वोच्च है” का भी अपमान है।उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रेत, शराब, भू-माफिया और ट्रांसपोर्ट सिंडिकेट खुलेआम पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। पिछले छह महीनों में पुलिस पर हमलों की दर्जनों घटनाएं हुई हैं, थानों पर हमले हुए हैं और जवानों को पीटा गया है। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं, बच्चों और दलितों के खिलाफ अपराध में मध्य प्रदेश शीर्ष पर है।

पटवारी ने सरकार से कई सवाल पूछे, जैसे कि पुलिस की प्राथमिकता क्या है, अपराध रोकना या नेताओं को सलामी देना? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह आदेश माफियाओं को प्रोत्साहित करेगा, जो सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण में गैरकानूनी काम करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रदेश का सबसे असफल गृह मंत्री बताते हुए मांग की कि उन्हें किसी योग्य व्यक्ति को गृह मंत्रालय का दायित्व सौंपना चाहिए।

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