कोलंबो, 23 अप्रैल (वार्ता) श्रीलंका सरकार ने भारत के साथ रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर “जिम्मेदारी के साथ” हस्ताक्षर किए हैं।
कैबिनेट प्रवक्ता नलिंदा जयतिसा ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन पर विषय-वस्तु का खुलासा करने के लिए नयी दिल्ली की सहमति की आवश्यकता है।
श्री जयतिसा ने यह बात पत्रकारों से तब कही जब उनसे इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कोलंबो यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन की विषय-वस्तु के बारे में पूछा गया।
इकोनॉमीनेक्स्ट की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा समझौते पर भारत द्वारा चीनी अनुसंधान जहाजों को श्रीलंका में आने से रोकने के दबाव के बीच हस्ताक्षर किए गए थे, जबकि नयी दिल्ली का कहना था कि वे हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या रक्षा समझौते में चीनी अनुसंधान जहाजों को श्रीलंकाई जलक्षेत्र में आने से प्रतिबंधित किया गया है, कैबिनेट प्रवक्ता जयतिसा ने मंगलवार को कैबिनेट के बाद मीडिया ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा, “कुछ विषय-वस्तुओं पर, हमें जानकारी का खुलासा करने के लिए आपसी सहमति की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा, “इन सहमति पत्रों के आधार पर ही अगले कदम उठाए जाएंगे। कुछ मामलों में हमें सहमति पत्रों को लागू करने के लिए तंत्र स्थापित करने की जरूरत है।”
