फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर बना पुलिस कर्मचारी

 

एसडीएम ने की जांच, कलेक्टर को सौंपी रिपोर्ट

जबलपुर। जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का एक और मामला सामने आया है, जहां पर एक व्यक्ति ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर पुलिस में नौकरी लगवा ली। जो कि लगभग पिछले 25 सालों से पुलिस की नौकरी कर रहा है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब एसडीएम द्वारा जांच की गई, जिसमें पता चला कि व्यक्ति ने गौंड जाति का फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर ही पुलिस में भर्ती हुआ था। एसडीएम की जांच के बाद उसकी रिपोर्ट कलेक्टर दीपक सक्सेना को सौंप दी है, जिसके आधार पर अब शासन द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। रांझी एसडीएम रघुवीर सिंह मरावी से मिली जानकारी के अनुसार नेपियर टाउन निवासी अमिताभ प्रताप सिंह ने गौंड जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया था, जिसको लगाकर वह वर्ष 2000 में पुलिस में भर्ती हुआ था। जिसकी शिकायत होने पर एसडीएम द्वारा जांच की गई तो पाया कि अमिताभ प्रताप सिंह ने वर्ष 1997- 98 में फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनाया था, जानकारी के अनुसार अमिताभ प्रताप सिंह, अभी बुरहानपुर में सब इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ है।

प्रमाण पत्र होगा निरस्त

रांझी एसडीएम रघुवीर सिंह मरावी ने बताया कि जांच के दौरान गलत तरीके से अमिताभ प्रताप सिंह ने अपनी जाति गौंड बताकर प्रमाण पत्र बनवाया था। जिसके आधार पर ही उसे पुलिस में नौकरी मिली थी, उन्होंने बताया कि जांच प्रतिवेदन में फर्जी जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने के लिए अनुशंसा की गई है, जिसके बाद जांच का प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंप दिया गया है।

कलेक्टर ने की शासन से अनुशंसा

जानकारी के अनुसार एसडीएम रांझी द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना ने राज्य सरकार से अमिताभ प्रताप सिंह के ऊपर दंडात्मक कार्यवाही करने की अनुशंसा की है। जिसके बाद ही बुरहानपुर में पदस्थ नेपियर टाउन रहने वाले अमिताभ प्रताप सिंह के ऊपर फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर पुलिस में भर्ती होने के आरोप में कार्यवाही होगी।

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