बिचौलिए हुए सक्रिय, जिला प्रशासन के पास पहुंची शिकायत
जबलपुर: समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू होने के बाद अब धीरे-धीरे गड़बड़ी और धांधली भी शुरू हो चुकी है। जिसमें खास तौर पर कुछ बिचौलिए इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामले की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंची है,जहां बताया गया है कि उड़द की फसल बोने के बाद उस पर गेहूं का पंजीयन कराया गया है, शिकायत को कलेक्टर दीपक सक्सेना ने गंभीरता पूर्वक लेते हुए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार पाटन और कटंगी क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा मटर के बाद खेतों में उड़द की फसल लगाई गई थी, लेकिन उन्होंने गेहूं का पंजीयन किया गया है। जानकारी के अनुसार कुछ बिचौलिए किसानों से गेहूं का पंजीयन करा लेते हैं और उनके पंजीयन नम्बर से वह अपने पुराने गेहूं को ले जाकर केंद्रों पर बेचकर मुनाफा कमा सकें।
गिरदावली से होगा खुलासा
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पटवारियों एवं सर्वेयर द्वारा गांव में गिरदावरी की जाती है। जिससे यह पता चलता है कि इस किसान के द्वारा कौन सी फसल बोई गई है। शिकायत मिलने के बाद पटवारी और सर्वेयर द्वारा गिरदावली होनी चाहिए, तब जाकर इस बात का खुलासा होगा कि, किस किसानों ने कौन सी फसल के आधार पर पंजीयन कराया है।
रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर बेचते हैं फसल
अधिकतर यह देखा जाता है कि बिचौलिये किसानों से सीधे संपर्क करते हैं और उनके रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ उनकी फसल को खरीद लेते हैं। यह बिचौलिये और व्यापारी समर्थन मूल्य के भाव से अपना 150 रूपये से लेकर 200 रूपए तक कमीशन काटकर फसल को खरीदते हैं। लेकिन इस बार बिचौलिए तो किसानों को सीधे तौर पर गेहूं का रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, जबकि उक्त किसान ने गेहूं की फसल बोई ही नहीं है। जिससे वह रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर अन्य किसानों से खरीदी हुई फसल को ले जाकर उक्त रजिस्ट्रेशन पर केंद्रों में जाकर फसल बेच सकें, जिससे उन्हें अच्छा खासा मुनाफा हो।
