
सीहोर। समीपस्थ ग्राम पंचायत बरखेड़ा हसन के सरपंच एवं सचिव ने निर्माण कार्यों के लिए राशि तो निकाल ली, लेकिन काम नहीं कराया.शिकायतों की जांच के बाद सरपंच व सचिव को शासकीय राशि के दुरुपयोग का दोषी पाए जाने पर उनसे रिकवरी के आदेश दिए हैं.
ग्राम पंचायत बरखेड़ा हसन में हुए भारी भ्रष्टाचार को लेकर जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव पंकज शर्मा और पंच सुरेन्द्र लोधी ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर से मामले की त्वरित जांच की मांग की थी. जिला पंचायत सीईओ द्वारा जिला स्तरीय जांच दल से इस पूरे मामले की जांच कराई गई. भ्रष्टाचार के कुल 20 मामलों में से फिलहाल 2 मामलों में सरपंच-सचिव को दोषी पाया गया है और उनको लगभग डेढ़ लाख रुपए की वसूली का नोटिस जिला प्रशासन द्वारा दिया गया है तथा शेष मामलों में भी जांच जारी है.
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए पंकज शर्मा ने बताया कि पूरे मामले की जांच होने के बाद सरपंच-सचिव पर दोष सिद्ध पाए जाने पर 14 मई तक सरपंच-सचिव से जबाव मांगा है, साथ ही दो निर्माण कार्य में करीब डेढ़ लाख की वसूली का नोटिस भी दोनों को थमाया गया है । इसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने जिला स्तरीय जांच दल द्वारा जांच कराई, जिसमें रिचार्ज पिट निर्माण कार्य में 9,100 रुपये की और श्मशान घाट बाजार चौक के पास पेवर ब्लाक निर्माण कार्य में 1 लाख 32 हजार 519 कुल एक लाख 41 हजार 619 रुपये का गबन पाया गया, जिसके बाद 15 अप्रैल को जिला पंचायत सीईओ डॉ. नेहा जैन ने नोटिस जारी कर डेढ़ लाख रुपए की वसूली करने तथा 14 मई तक पूरे मामले में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए है.
