
सीधी। गर्मी की तपिश बढऩे के साथ ही शीतलता की मांग बढ़ चुकी है। राहत पाने के लिए सभी लोग ठंड पेय का उपयोग अवश्य करना चाहते हैं।
धूप की तपिश के साथ इन दिनों सारे गली-मोहल्लों में दोपहर बाद घंटियां टुनटुनाटी हैं। शहर में ऐसे दर्जनों कुल्फी वाले हैं जो बेहद निम्न स्तर की कुल्फियां बेंच रहे हैं। कुछ यही हाल रंग-बिरंगे पेय पदार्थों को लेकर भी हैं। इससे सबसे ज्यादा नुकसान छोटे बच्चों को हो सकता है जिनकी छुट्टियां चल रही हैं। घंटी के आवाज के साथ बच्चों का झुंड इन कुल्फी हाकरों के पास इकठ्ठा हो जाता है। 5 से 10 रुपये तक मिलने वाली कुल्फियों को चखने साथ पहले स्वाद में ही पता चल जाता है कि ये नकली दूध से बनी है। अजीब सैक्रीन टेस्ट वाली इस प्रकार की कुल्फियां बच्चों की सेहत पर यकीनन बुरा असर डालेगी। इस पर सख्त निगरानी होनी चाहिए ताकि बच्चों की सेहत उनके स्वाद पर कहीं भारी न पड़ जाए।
