जबलपुर: कुटुम्ब न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह की अदालत ने पत्नी व पुत्री के हक में तीन हजार रुपये मासिक भरण-पोषण राशि प्रदान करने का राहतकारी आदेश पारित किया है। अदालत ने कहा है कि आवेदिका ई-बैंकिंग की सुविधा वाले राष्ट्रीयकृत बैंक में अपना बचत खाता खुलावाएगी। साथ ही उसका विवरण अनावेदक पति को देगी। इसके बाद पति को हर माह राशि उसी खाते में जमा करनी होगी।
आवेदिका रजक मोहल्ला गोहलपुर निवासी आरती रजक व किंजल रजक की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार रजक ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आवेदिका आरती का विवाह चेरीताल निवासी अनावेदक संजय रजक से हुआ था। 24 सितंबर 2019 को विवाह के बाद पुत्री किंजल का जन्म हुआ। कालांतर में छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा होने लगा। विवाह यह झूठ बोलकर किया गया था कि संजय शासकीय सेवा में है। लेकिन बाद में पता चला कि वह प्राईवेट नौकरी करता है। यही नहीं ससुराल वाले बेटा चाहते थे, बेटी पैदा होने पर आवेदिका को प्रताडि़त करने लगे। एक दिन ससुराल से मायके भगा दिया गया।
