
हाईकोर्ट ने याचिका का किया निराकरण
जबलपुर। नगर पालिका निगम की राशि से व्यक्तिगत जमीन में विकास कार्य किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगल पीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए संबंधित प्राधिकारी के समक्ष शिकायत करने की स्वतंत्रता प्रदान की है।
याचिकाकर्ता मनीष कुमार साहू की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि अमरवाड़ा जिला छिंदवाड़ा से विधायक कमलेश कुमार शाह विधायक है। उनकी पत्नी माधवी शाह पूर्व में नगर परिषद हर्रई की अध्यक्ष थी। इस दौरान विधायक कमलेश कुमार के नाम पर दर्ज जमीन पर लगभग 65 लाख रुपये के विकास कार्य नगर परिषद हर्रई के मद से करवाया गया। इतना ही नहीं सरकारी दस्तावेज में विधायक के नाम पर जमीन दर्ज है परंतु काबिज अन्य व्यक्तियों को बताया गया है। निजी जमीन पर शासकीय राशि से विकास कार्य फर्जीवाड़ा किया गया है।
याचिका में राहत चाही गयी थी कि प्रकरण की जांच ईओडब्ल्यू को करने आदेश जारी किये जाये। याचिका में प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, कलेक्टर, एसडीओ, पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू व छिंदवाड़ा, नगर परिषद हर्रई तथा भाजपा विधायक व उनकी पत्नी को अनावेदक बनाया गया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दुर्गेश कुमार ने बताया गया कि उक्त निर्देश के साथ युगल पीठ ने याचिका का निराकरण कर दिया है।
