भोपाल। शैतान सिंह तिराहा, जो कि अनेक महत्वपूर्ण मार्गों को आपस में जोड़ता है, इन दिनों यातायात व्यवस्था की बदहाली बयां कर रहा है। इस व्यस्त चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल की अनुपस्थिति के कारण सुबह और शाम के समय भयावह जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के निवासी बुरी तरह प्रभावित हो रहे है। इस अव्यवस्था के कारण न दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। दरअसल शैतान सिंह तिराहा, जो कि शहर के कई इलाकों को जोड़ता है, वहां सुबह के समय स्थिति चिंताजनक हो जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चे, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोग इस चौराहे से गुजरते हैं, और ट्रैफिक सिग्नल न होने के कारण सभी दिशाओं से आने वाले वाहन एक साथ आगे बढऩे की कोशिश करते हैं। इस आपाधापी में अक्सर वाहनों की टक्कर होने की सम्भावना रहती है। पैदल चलने वाले लोगों के लिए तो यह तिराहा किसी खतरे से कम नहीं है, क्योंकि वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही के बीच सड़क पार करना एक जोखिम भरा कार्य साबित होता है। इसी प्रकार, शाम के समय जब लोग अपने-अपने कार्यस्थलों से वापस घरों की ओर लौटते हैं, तो शैतान सिंह तिराहे पर वाहनों का दबाव और भी बढ़ जाता है। चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों की संख्या इतनी अधिक होती है कि बिना किसी नियंत्रण के यह चौराहा पूरी तरह से जाम हो जाता है। कई बार तो यह जाम मुख्य सड़कों तक फैल जाता है, जिससे आसपास के इलाकों में भी यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। यह समझना मुश्किल है कि एक महत्वपूर्ण चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल क्यों नहीं लगाया गया है।
