
रीवा।सैन्य कार्यवाही के दौरान शहीद हुए रीवा के लाल को नम आंखो से अंतिम विदाई दी गई. सैनिक सम्मान के साथ रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया. पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर परिजन बिलख पड़े. शहीद होने की खबर मिलने पर पूरे गांव में मातम छाया हुआ था. आज जब पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिये लोगो की भीड़ उमड़ पड़ी. दो दिन से परिजनो का रो-रो कर बुरा हाल था.
रीवा जिले के ग्राम मढ़ीखुर्द निवासी अजय विश्वकर्मा सैन्य कार्रवाई के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उनका 11 अप्रैल को उपचार के दौरान रूडक़ी में दुखद निधन हो गया. शहीद अजय विश्वकर्मा भारतीय सेना की 119 एसाल्ट इंजीनियर रेजीमेंट में कार्यरत थे. उनके गृह ग्राम मढ़ीखुर्द तहसील मनगवां में पूरे सैनिक सम्मान के साथ रविवारको अंतिम संस्कार किया गया. शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए सूबेदार सत्यानारायण शर्मा के नेतृत्व में सेना का दल उपस्थित रहा. क्षेत्रीय विधायक इंजी. नरेन्द्र प्रजापति अंतिम संस्कार में पहुंचकर अंतिम विदाई दी. इस दौरान आसपास के गांवो क लोगो ने अपने लाल को नम आंखो से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी. अजय बचपन से ही बेहद मेधावी छात्र थे और भारतीय सेना में जाकर मातृभूमि की सेवा करने की ललक थी. बहुत कम उम्र में शहीद हुए अजय ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर गए. शहीद होने की खबर मिलने के बाद परिजनो को ढाढस बंधाने लोग दो दिन से घर पहुंच रहे थे. पार्थिव शरीर के पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिये पूरा गांव उमड़ पड़ा.
