नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा है कि किसी भी विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को बंधक बनाना शर्मनाक और आपराधिक गतिविधि है और ऐसे विद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहने वाले अधिकारियों को इस्तीफा देना चाहिए।
श्री यादव ने शुक्रवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि दक्षिण-पश्चिम जिला के जिलाधिकारी (डीएम) को जांच के दौरान डीपीएस द्वारका के पुस्तकालय में बच्चे बंद मिले। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली सरकार निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगाम लगानी चाहिए और शिक्षा निदेशक द्वारा मंजूर किये गये शुल्क ही निजी विद्यालयों के विद्यालयों से विद्यार्थियों से लेने का अधिकार है। उन्होंने सवाल किया कि क्या निजी विद्यालय दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के नियमों को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि शुल्क बढ़ोत्तरी की समीक्षा के लिए भाजपा की दिल्ली सरकार समिति बनाकर सिर्फ अपना पल्ला झाड़ना चाहती है, लेकिन पिछले दरवाजे से रेखा गुप्ता सरकार निजी विद्यालयों के पीछे खड़ी है। इसी वजह से निजी विद्यालय मनमाने तौर पर शुल्क बढ़ोत्तरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को बंद करने के लिए दिल्ली सरकार और शिक्षा निदेशालय को सिर्फ आश्वासन देने की जगह स्कूल के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय/राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की निष्क्रियता और अधिकारियों की कर्तव्यहीनता के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए और बच्चों के अधिकारों की रक्षा में विफल अधिकारियों को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
