सीहोर। तीन दिवसीय पुस्तक मेले का पहला दिन फ्लाप साबित हुआ. दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार करते रहे और उकताकर शाम को ही उठ कर चले गए। निजी स्कूलों के बच्चों को कम रेट में पाठ्य पुस्तकें और यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए पुस्तक मेले का आयोजन हो रहा है. अधिकांश स्कूलों के बच्चों ने कोर्स व यूनिफार्म खरीद पहले ही ले ली है. इस लिए 10 दिन बाद पुस्तक मेला लगाना महत्त्व हीन हो गया. प्रचार-प्रसार के अभाव में गुरुवार को पुस्तक मेले में कोई भी नहीं पहुंचा. किताबों के स्टॉल खाली पड़े रहे और दिनभर किताब विक्रेता ग्राहकों के आने का इंतजार करते रहे.पुस्तक मेले में यूनिफार्म विक्रय के लिए तीन संस्थानों ने सहमति दी थी. लेकिन एक भी संस्थान ने यूनिफार्म का स्टॉल नहीं लगाया. ऐसे में इक्का-दुक्का अभिभावक मेले में पहुंचे भी तो वे खाली हाथ लौट गए. पुस्तक मेले में जिन फर्म ने स्टॉल लगाने की सहमति दी है उनमें श्रीहरि स्टेशनरी, महेश्वरी बुक, खुशी बुक हाउस, हर्षिता स्टेशनरी, जय स्टेशनरी, आईसेक्ट पब्लिकेशन, पार्थ किताब कुंज, अशोक स्टेशनरी, मनोज स्टेशनरी सहित यूनिफार्म के लिए सतगुरु कलेक्शन, शिवाजी गारमेंट्स, आर्य कलेक्शन शामिल हैं। हालांकि ग्राहक नहीं मिलने के कारण सभी दुकान संचालक शाम 5 बजे से पहले ही अपने स्टॉल बंद करके चले गए.
विक्रेताओं को नहीं दिए पब्लिशर्स और किताबों के नाम
निजी स्कूलों को सिलेबस की जानकारी सार्वजनिक करना होती है. सिलेबस की जानकारी पोर्टल पर भी अपलोड होती है और यह जानकारी स्कूल परिसर में भी सार्वजनिक करना होती है, लेकिन अधिकांश निजी स्कूलों ने अब तक सिलेबस की जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की. खास बात यह है कि यहां निजी स्कूल संचालक बच्चों को सिलेबस की सूची भी नहीं देते हैं, बच्चे सीधे स्कूलों द्वारा तय की गई दुकानों पर जाकर कक्षा बताकर सिलेबस खरीदते हैं.
दुकान संचालकों का कहना, दे रहे हैं डिस्काउंट
पुस्तक मेले में शामिल हुए दुकान संचालकों ने बताया कि पुस्तक मेले में आने वाले ग्राहकों को खरीदी पर आकर्षक डिस्काउंट भी दिया जा रहा है. आज शुक्रवार को ज्यादा बच्चे और अभिभावकों के आने की संभावना है. पार्थ किताब कुंज के संचालक सुधीर पचौरी ने बताया कि एनसीईआरटी सहित सभी किताबों उपलब्ध हैं, खरीदी पर आकर्षक डिस्काउंट भी दिया जा रहा है.
अभिभावकों को लाभ दिलाना उद्देश्य
यह सही है कि महावीर जयंती के अवकाश के कारण पहले दिन मेले में कम लोग आए थे. सभी स्कूलों को सूचना भेजकर पुस्तक मेले की जानकारी दी गई है. यदि दुकानदार जल्दी चले गए हैं तो उन्हें पूरे समय उपस्थित रहने के लिए पाबंद किया जाएगा. अधिकाधिक अभिभावकों को पुस्तक मेले का लाभ मिल सके, इसके प्रयास किए जा रहे हैं.
सुश्री दीपा कीर,
विकासखंड शिक्षाधिकारी
