
सेमरी हरचंद। मंगलवार सुबह 7 बजे के लगभग ग्राम धांई के पास वन विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है भारी संख्या में प्रशासनिक अमले ने ग्राम खामदा के पास डांगपुरा खकरापुरा के आदिवासियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही की है इस कार्रवाई को लेकर यहां के ग्रामीण और प्रशासन आमने-सामने आ गया अतिक्रमण न हटाया जाए इसे लेकर गांव की कुछ लड़कियां एवं महिलाएं जेसीबी मशीन के ऊपर चढ़ गईं और सामने खड़ी हो गए जिसे लेकर प्रशासन ने भी सख्ती दिखाई। प्रशासन का कहना है कि यह भूमि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से विस्थापित परिवारों को आवंटित की गई थी जिस पर 2022-23 में छिंदवाड़ा जिले केे पातराखेडा आए लोगों द्वारा अतिक्रमण कर खेती की जा रही थी जिस पर आज कार्यवाही कर अतिक्रमण को हटाया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल, फॉरेस्ट एवं राजस्व विभाग केेअधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
वही ग्राम खकरापुरा के ग्रामीणों का कहना है कि वह पिछले 20 वर्षों से यहां पर काबिज है और यहां पर खेती कर रहे हैं। उनके पास यहां का आधार कार्ड समग्र आईडी व पीएम आवास आवंटित किए गए हैं। ज्ञात हो कि वर्ष 2002 2003 में छिंदवाड़ा जिले के ग्राम पातरा खेडा से कुछ आदिवासी परिवार क्षेत्र में मजदूरी करने आए थे और खाकरापुरा डांगपुरा मैं निवास करने लगे राजस्व विभाग के अनुसार वर्ष 2022-23 से वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर खक्रपुरा दानपुरा के निवासियों द्वारा कृषि कार्य किया जाने लगा चूंकि यह भूमि वन विभाग की थी और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से विस्थापित खामदा के आदिवासियों को आवंटित की जानी थी आदिवासियों द्वारा अतिक्रमण को हटाने के लिए जिले के आला अधिकारियों ने पूर्व में चौपाल लगाकर अतिक्रमित भूमि छोड़ने की समझाइश दी एवं उन्हें अन्य स्थान पर भूमि आवंटन का आश्वासन भी दिया तथा वन भूमि छोड़ने के लिए नोटिस जारी किए परंतु ग्राम डांगपुरा के आदिवासी अतिक्रमण की हुई वन भूमि को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए तब प्रशासन ने राजस्व पुलिस विभाग एवं वन विभाग की सयुक्त टीम द्वारा सख्ती बरतते हुए वन भूमि से आदिवासियों का अतिक्रमण हटाया।
नर्मदा पुरम एसडीएम नीता कोरी की नेतृत्व में राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी वन विभाग की एसडीओ रचना शर्मा के साथ वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी एस टी आर मड़ाई के सहायक संचालक अंकित जामोद एवं एसडीओपी पुलिस संजू चौहान की मौजूदगी मैं वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई तब ग्राम डांगपुरा एवं खक्ररापुरा के आदिवासियों एवं महिलाओं ने इसका विरोध करते हुए अतिक्रमण कार्यों में लगी हुई जेसीबी के ऊपर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया मामला बिगड़ता देख पुलिसकर्मियों द्वारा सख्ती दिखाते हुए कुछ आदिवासियों को नजर बंद किया जिन्हें थोड़ी देर बाद छोड़ दिया गया अपनी आंखों के सामने फसल बोई हुई भूमि को अपने से दूर होते देखा कर डांगपुरा के आदिवासियों एवं महिलाओं ने रोते हुए बताया कि हम इस गांव में 20 वर्ष से निवास कर रहे हैं शान द्वारा हमें मतदान का अधिकार एवं समस्त शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है परंतु हमअपने जीवन यापन के लिए इस भूमि पर कृषि कार्य कर रहे थे शान द्वारा हमसे यह भूमि छीनकर हम पर अत्याचार किया जा रहा है।
18 हेक्टेयर भमि से आदिवासियों का अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगभग 6 घंटे तक चली जिसमें आधा दर्जन जेसीबी मशीन एवं दर्जनों ट्रैक्टरों का उपयोग किया गया उक्त भूमि को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से विस्थापित ग्राम खामदा के आदिवासियों को आवंटित की जावेगी।
प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में अनुविभागीय अधिकारी नर्मदा पुरम एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट नीता कोरी, सहायक संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व एवं विस्थापन अधिकारी अंकित जामोद, संयुक्त वन मंडल अधिकारी समान्य
रचना शर्मा, एसडीओपी पुलिस संजूचौहान ,थाना प्रभारी सुहागपुर कंचनसिंह ठाकुर, तहसीलदार माखन नगर अनिल पटेल, वन परिक्षेत्र अधिकारी बागड़ा बफर दुर्गेश सिह बिसेन, वन परिक्षेत्र अधिकारी पी एस ठाकुर , सुमित पांडे, राजुल कटारे एवं राजस्व पुलिस तथा वनविभाग के सैकड़ो कर्मचारी उपस्थित थे।
इनका कहना है:-
अतिक्रमण हटाने से पूर्व अतिक्रमणकारियों कलेक्टर महोदय की उपस्थितिमें चौपाल लगाकर समझाश दी गई थी चूंकि यह भूमि खामदा के आदिवासियों को आवंटित की जानी है इसलिए अतिक्रमण हटानेकी कार्यवाही की जा रही है। नीता कोरी एसडीएम एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदा पुरम।
इनका कहना है —
विस्थापित गांव खामदा के वििस्थापित ग्राम वासियोंं तयको आवंटित की गई है यहां 2022-23 में अतिक्रमण हो गया था इस जमीन को हमने अतिक्रमण मुक्त किया है बाकी शासन की जो योजनाएं होंगी हम लाभ दिलाने की कोशिश करेंगे। हमने पहले कई बार नोटिस जारी किए थे तहसीलदार ने बैठक ली डीएफओ साहब कलेक्टर साहब एसडीएम मैडम ने भी हर स्तर से समझने की कोशिश की गई थी। यह लोग छिंदवाड़ा से हैं इनको कुछ दिया इसके बदले में कुछ देने का नियम ही नहीं है खामदा के लिए इस जगह की सफाई कराई गई थी।
रचना शर्मा —- एसडीओ सामान्य वन विभाग सोहागपुर।
