भोपाल। शहर के कई चौराहे जैसे प्रभात चौराहा, वल्लभ भवन चौराहा अक्सर शाम के समय ट्रैफिक का जाम लगा ही रहता है. शहर में ऐसे कई चौराहे है जिनमे खामियां हैं। जबकि इन चौराहों पर प्रति घंटा कार यूनिट (पीसीयू) 10-15 हजार तक है। रिटायर्ड एसपी योगराज सिंह कहते हैं, ट्रैफिक 3-ई पर चलता है, इंजीनियरिंग, एजुकेशन और एनफोर्समेंट। चौराहों पर रोड मार्किंग व साइनबोर्ड जरूरी हैं। स्कूल-कॉलेज में ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के साथ नियम तोडऩे पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ई-चालान बढ़ाए जाने चाहिए।
वल्लभ भवन शहर का सबसे बड़ा चौराहा है। जहाँ पर रोड मार्किंग अधूरी हैं। और इसके साथ ही बीच का हिस्सा इतना बड़ा है कि ट्रैफिक के बीच में चौराहा पार करने में 10 सेकंड तक लग जाते हैं। पेट्रोल पंप की तरफ से कोई सिग्नल न होने से वाहन चालकों को बड़ी परेशानी होती है। यहां से आने वाले पैदल या वाहन चालक कभी भी रोड पर सामने आ जाते हैं। वही अगर बात करे प्रभात चौराहे की तो, वहा का बाई तरफ का मोड़ वाहन चालकों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। जिसके साथ ही प्रभात चौराहे पर जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन का भी अभाव है। चौराहा बहुत बड़ा है। पुल बोगदा, अशोका गार्डन और रायसेन रोड से आने वाले रोड का ट्रैफिक पूरा रास्ता घेर लेता है। बड़ी बसें और तमाम ई रिक्शा सड़क पर खड़े रहते हैं। जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है .
