
स्व सहायता समूह की महिलाओं को भी मिलेगी जिम्मेदारी
जबलपुर। विगत माह धान खरीदी में सामने आए घोटाले के बाद अब गेहूं खरीदी को लेकर जिला प्रशासन ने बदलाव किया है। जानकारी के अनुसार इस वर्ष गेहूं खरीदी की जिम्मेदारी क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) को सौंपी जा रही है। जिसकी खास बात यह है कि स्व-सहायता समूह की महिलाएं सीएलएफ के साथ मिलकर गेहूं खरीदी की जिम्मेदारी संभालेंगी। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत से मिली जानकारी के अनुसार सिहोरा, मझौली, पनागर और पाटन ब्लॉकों से कुल 19 प्रस्ताव जिला उपार्जन समिति को भेजे गए हैं। समिति की मंजूरी के बाद यह नई व्यवस्था लागू होगी।
जरूरत पड़ने पर मिलेंगे 2- 2 केंद्र
जानकारी के अनुसार सीएलएफ के साथ मिलकर महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करती हैं, उनके साथ स्व सहायता समूह की महिलाएं भी कार्य करती हैं, जिसके लिए इस वर्ष गेहूं खरीदी का कार्य सीएलएफ को जिम्मे हैं। जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्रों पर खरीदी के लिए समितियों की कमी होने पर एक ही सीएलएफ को दो-दो केंद्रों की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है।
केंद्र खुले, खरीदी नहीं शुरू हुई
उल्लेखनीय है कि गेहूं खरीदी 15 मार्च से शुरू होनी थी, लेकिन जिले में अभी तक गेहूं खरीदी शुरू नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक 33 उपार्जन केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है। अधिकारियों की मानें तो केंद्र खुल चुके हैं। लेकिन अभी तक उन केंद्रों पर खरीदी शुरू नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष 41556 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है, जिनमें से लगभग 1000 किसान दूसरों की भूमि पर सिकमी खेती कर रहे हैं।
