
नवभारत न्यूज
इंदौर। नगर निगम को कल कुर्की कारवाई के खिलाफ आज हाई कोर्ट से स्थगन मिल गया है। कल कोर्ट की नजारत शाखा के कर्मचारी निगम दफ्तर और गाड़ियों की कुर्की करने पहुंचे
थे । आज निगम ने उक्त मामले में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर स्थगन आदेश प्राप्त किया।
नगर निगम द्वारा राजमोहल्ला से बड़े गणपति चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण में कई मकान दुकान तोड़ दिए थे। उक्त तोड़फोड़ के खिलाफ पीड़ित रविशंकर मिश्र ने हाईकोर्ट में क्षतिपूर्ति राशि देने की याचिका लगाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट में सुनवाई के आदेश दिए थे।
जिला कोर्ट ने सुनवाई करते हुए गणेशगंज निवासी रविशंकर मिश्र को 2 करोड़ 19 लाख रुपए क्षतिपूर्ति राशि देने के आदेश दिए थे। नगर निगम द्वारा उक्त राशि नहीं देने के खिलाफ पीड़ित ने बजावरी लगाई और निगम को 2. करोड़ 24 की राशि भुगतान नहीं करने के खिलाफ कुर्की करने के आदेश दिए थे। इसके बाद कल नज़ारत शाखा का दल राशि की वसूली करने निगम आयुक्त का दफ्तर और गाडियां कुर्क करने पहुंचा गया था।
निगम की ओर से अधिवक्ता कमल ऐरन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़ित रविशंकर मिश्र के पक्ष में दिए आदेश और नजारत शाखा की कारवाई को निगम का पक्ष सुने बगैर कुर्की कारवाई पर रोक लगाने की मांग की।
उच्च न्यायालय के न्यायधीश जस्टिस प्रणय वर्मा ने निगम अधिवक्ता कमल ऐरन के तर्कों से सहमत होकर आज कोर्ट के आदेश और नजारत शाखा की निगम के खिलाफ कुर्की करने की कारवाई पर स्थगन आदेश दिया है। उक्त प्रकरण में सुनवाई आगामी तारीख को होगी। फिलहाल निगम के कुर्की कारवाई से निजात मिल गई है।
