
भोपाल।मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवनीश बुंदेला ने आज कहा कि संपत्ति नामांतरण प्रक्रिया में जटिलता कर दी गई है कि सरकार की सरल नामांतरण सुविधा के दावों के बावजूद, लोगों को बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं और नामांतरण के लिए भारी शुल्क देने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है।
बुंदेला ने बताया कि अकेले टीकमगढ़ जिले में 13,000 से अधिक नामांतरण मामले लंबित हैं, और पूरे प्रदेश में यह संख्या लाखों में हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिश्वत देने वाले लोगों के लिए नामांतरण प्रक्रिया आसान हो जाती है, जबकि आम और गरीब लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ताकतवर लोगों के लिए नियम ताक पर रख दिए जाते हैं।
बुंदेला ने किसानों की समस्याओं पर भी प्रकाश डाला और कहा कि उन्हें अपनी जमीन का नामांतरण कराने में विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राजस्व विभाग, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए ।
और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की।
उन्होंने सरकार से नामांतरण प्रक्रिया को सरल बनाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। ज़रूर, यहाँ खबर है:
नामांतरण प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप, टीकमगढ़ में 13,000 मामले लंबित
भोपाल।मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवनीश बुंदेला ने आज एक प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर संपत्ति नामांतरण प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और जटिलता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की सरल नामांतरण सुविधा के दावों के बावजूद, लोगों को बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं और नामांतरण के लिए भारी शुल्क देने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है।
बुंदेला ने बताया कि अकेले टीकमगढ़ जिले में 13,000 से अधिक नामांतरण मामले लंबित हैं, और पूरे प्रदेश में यह संख्या लाखों में हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिश्वत देने वाले लोगों के लिए नामांतरण प्रक्रिया आसान हो जाती है, जबकि आम और गरीब लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ताकतवर लोगों के लिए नियम ताक पर रख दिए जाते हैं।
