ठेकेदारों का पुराना हिसाब किया चुकता
ग्रीन कचरे के निपटान में देश में पहला स्थान
इंदौर: महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर में संपादक समूह की बैठक में बताया कि नगर निगम अब वित्तिय मामलों में आत्मनिर्भर हो गई है. सालभर के वेतन के बाद बिजली के खर्च की राशि देने के बाद भी अब नगर निगम के पास में राशि बचेगी. इंदौर नगर निगम हरे कचरे से भी अब बायोगैस बनाना शुरु कर चुकी है. कई और योजनाओं की जानकारी भी आपने दी.गुरुवार को नगर निगम अपना बजट भी पेश करने जा रहा है. इस दौरान क्षेत्र क्रमांक 2 के भाजपा विधायक रमेश मेंदोला और इंदौर नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित अन्य अतिथि भी शामिल थे.
कार्यक्रम के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि उन्होंने इंदौर नगर निगम के पिछले 40 साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. निगम में पहले पांच या छह सौ करोड़ तक राजस्व वसूली का रिकॉर्ड था. इस साल हमने 1000 करोड़ राजस्व एकत्रित किया है. इंदौर में अनेक बड़े आयोजन किए हैं. उन आयोजनों पर काफी बड़ा खर्च भी होता है. लेकिन हमने खर्चे में कटौती नहीं की बावजूद इसके इंदौर नगर निगम अब आत्मनिर्भर निगम बन चुका है.
हमने 2 साल पहले निगम को आत्मनिर्भर बनाने का वादा किया था जिसे हमने पूरा कर दिखाया. उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पहले सालों तक ठेकेदारों का हिसाब नहीं होता था हमने 2021 तक ठेकेदारों का पुराना हिसाब चुकता कर दिया है जिनमें लगभग 600 करोड़ से अधिक की बकाया राशि थी वह हमने उन्हें दे दी है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए बेहतर बैठक कक्ष और कार्य स्थल की व्यवस्था के लिए 400 करोड़ रुपए की एक नई बिल्डिंग बनाई जा रही है.
कर्मचारियों को समय पर सैलरी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नगर निगम हर फील्ड में अपनी सेवाएं दे रहा है. वर्तमान में 42 विभाग कार्यरत है ऐसे में कर्मचारियों को लगभग 450 करोड़ रुपए सिर्फ सैलरी में ही दिए जाते थे. सालाना बिजली बिल भी लगभग 200 से ढाई सौ करोड़ पहुंचता था. लेकिन अब नगर निगम आत्मनिर्भर बन चुका है. पिछले 6 माह से एक भी ऐसा कर्मचारी नहीं है जो कभी पैसा मांगने आया हो. सबके खाते में 1 तारीख को राशि पहुंच जाती है. इसके साथ ही महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पहले सूखा और गीला कचरा निपटान के मामले में इंदौर नगर निगम नंबर वन था लेकिन अब हरा यानी कि ग्रीन कचरे के निपटान में भी इंदौर नगर निगम देश का पहला नगर निगम बन चुका है.
दस्तावेजों का डिजिटलीकरण
इसके अलावा इंदौर नगर निगम के मामले में और भी अधिक जानकारी देते हुए भार्गव ने बताया कि सैटेलाइट इमेज तैयार करने के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं. वहीं इंदौर नगर निगम में पुराने दस्तावेजों को डिजिटल किया जा रहा है. 1927 से लेकर वर्तमान तक के सारे दस्तावेज का डिजिटलकरण हो रहा है सौर ऊर्जा के मामले में भी काफी काम किए गए हैं.
