नयी दिल्ली (वार्ता) कैंसर पीड़ितों के लिए क्राउडफंडिंग के माध्यम से धनराशि जुटाने के मामले में राजधानी दिल्ली मुंबई के बाद देश में दूसरा सबसे बड़ा मददगार के रूप में उभरा है।
कैंसर के लिए धन जुटाने की स्थिति रिपोर्ट 2024 में राजधानी की भूमिका पर प्रकाश डाला गया है। एकीकृत स्वास्थ्य सेवा वित्तपोषण पारिस्थितिकी तंत्र केयरपाल समूह ने कैंसर के लिए धन जुटाने की स्थिति रिपोर्ट 2024 जारी की है जिसमें देश भर में कैंसर के लिए धन जुटाने के प्रयासों में दिल्ली को शीर्ष योगदानकर्ता के रूप में देखा गया है।
रिपोर्ट के अनुसार राजधानी क्राउडफंडिंग, स्वास्थ्य सेवा ऋण और अभिनव स्वास्थ्य सुरक्षा और बीमा समाधान समाधानों के माध्यम से कैंसर रोगियों के लिए वित्तीय अंतर को पाट रही है। कैंसर भारत की सबसे महंगी बीमारियों में से एक है, जिसके उन्नत उपचार की लागत 50 लाख रुपये तक है। 60 करोड़ से अधिक मध्यम वर्ग के भारतीयों के पास स्वास्थ्य बीमा नहीं है, और अधिकांश बीमित व्यक्तियों के पास 5 लाख रुपये से कम की कवरेज वाली योजनाएं हैं, जिससे वैकल्पिक वित्तपोषण महत्वपूर्ण हो जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, मुंबई के बाद वित्त वर्ष 2024 में कैंसर अभियानों के लिए कुल दान के मामले में महानगरीय शहरों में दूसरे स्थान पर रही। शहर के दानदाताओं ने रक्त कैंसर, मुंह के कैंसर, फेफड़ों के कैंसर और स्तन कैंसर अभियानों के लिए धन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो मंच के धन उगाहने के प्रयासों में सबसे ऊपर है।
वित्त वर्ष 2024 में इम्पैक्ट गुरु पर जुटाए गए 30 प्रतिशत से अधिक फंड ने कैंसर रोगियों का समर्थन किया। रिपोर्ट में मरीजों, दाताओं, अस्पतालों और वित्तीय भागीदारों को एकजुट करने वाले एक सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें नई दिल्ली इस राष्ट्रव्यापी प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
