चिदंबरम के दावे भ्रामक एवं त्रुटिपूर्ण तुलनाओं पर आधारित: सीतारमण

नयी दिल्ली (वार्ता) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्व वित्त मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के पूंजीगत व्यय में ‘कटौती’ के दावे को भ्रामक और त्रुटिपूर्ण तुलनाओं पर आधारित बताते हुये मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय में कोई कटौती नहीं की गई है बल्कि वित्त वर्ष 2021 से लेकर 2026 के दौरान पूंजीगत व्यय में वृद्धि हुयी है।

श्रीमती सीतारमण ने यहां एक्स पर जारी एक पोस्ट में कहा कि बजट अनुमान (बीई) वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले तैयार किए जाते हैं और स्वाभाविक रूप से व्यय प्रवृत्तियों, कार्यान्वयन क्षमता और उभरती प्राथमिकताओं के आधार पर संशोधित अनुमान (आरई) में विकसित होते हैं। यह सार्वजनिक वित्त में मानक अभ्यास है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में पूंजीगत व्यय कई कारकों से प्रभावित था। आम चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता, मौसम की घटनाएं और राज्यों तथा कुछ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा अपेक्षा से कम खर्च। इसके अतिरिक्त, कई राज्य उपयोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहे, जिससे आगे निधि जारी करना अविवेकपूर्ण हो गया। स्पष्ट रूप से, संशोधन राजकोषीय बाधाओं के कारण नहीं थे।

श्रीमती सीतारमण ने आंकड़ों का हवाला देते हुये कहा कि इसके अलावा, साल-दर-साल तुलना से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि पूंजीगत व्यय में कमी नहीं आया है। बीई 2023-24 में यह 10.01 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर बीई 2024-25 में 11.11 लाख करोड़ हो गई है और पूंजीगत व्यय के लिए बजट अनुमान 2025-26 के लिए 11.21 लाख करोड़ रुपये है, जो बजट अनुमान 24-25 से अधिक है। इसी तरह, संशोधित अनुमान 2023-24 में 9.50 लाख करोड़ रुपये और संशोधित अनुमान 2024-25 में 10.18 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। यह स्पष्ट रूप से 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021 से केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय के लिए परिव्यय में तेजी से वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2021 से पूंजीगत व्यय (बीई) 4.12 लाख करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022 में 5.54 लाख करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2023 7.50 लाख करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2024में 10 लाख करोड़ रुपये , वित्त वर्ष 2025 में 11.11 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 में 11.2 लाख करोड़ रुपये है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, आज राज्यसभा में उठाया गया तारांकित प्रश्न पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) पर खर्च के बारे में था। उस संदर्भ में, यह ध्यान दिया जा सकता है कि एसएएससीआई के लिए 24-25 का बजट अनुमान 1.50 लाख करोड़ था, संशोधित अनुमान एक फरवरी 2025 तक 1.25 लाख करोड़ रुपये था।

श्रीमती सीतारमण ने कहा “ मैंने सदन में उल्लेख किया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में एसएएससीआई के लिए वास्तविक रिलीज 26मार्च 2025 तक 1,46,362 करोड़ रुपये है। यह संशोधित अनुमान 2024-25 से अधिक वृद्धि है। उन्होंने सवाल किया कि इसमें ‘अवाक’ होने की कोई बात है। इसलिए, श्री चिदंबरम का चयनात्मक अंकगणित और एक ही वर्ष के बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच त्रुटिपूर्ण तुलना राजनीतिक बयानबाजी के लिए काम आ सकती है सरकार की राजकोषीय समझदारी दृढ़ है, जो जमीनी हकीकत और पारदर्शी राजकोषीय प्रबंधन को प्रतिबिंबित करती है, जो शायद श्री चिदंबरम के लिए उनके कार्यकाल के दौरान अपरिचित बात थी।

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