रेहटी। रोक लगाए जाने के बाद भी जब निजी वाहन मंदिर रोड़ पर जाने लगे तो विरोध जताते हुए टैक्सी यूनियन ने टैक्सियों को बंद कर दिया, जिससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. ड्राइवरों का कहना है कि चैत्र नवरात्र से पहले बैठक में कलेक्टर एवं एसपी के आदेशानुसार निजी वाहनों को मंदिर रोड़ पर प्रतिबंधित कर दिया था और 100 टैक्सियों द्वारा श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचाने की व्यवस्था थी. परन्तु नवरात्रि के 3 दिन बाद ही निजी वाहन चालू कर दिए। निजी वाहन चालक घाट एवं मोड़ पर गाड़ी रोककर सेल्फी लेने लगते हैं. जिससे टैक्सी को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है और घटना की आशंका बनी रहती है. इसलिए निजी वाहनों के साथ टैक्सियां चलाने में असमर्थ हैं. अचानक निजी वाहनों के शुरू होने से श्रद्धालु परेशान होते दिखे.
निजी वाहनों के मंदिर तक जाने से नाराज टैक्सी यूनियन द्वारा अचानक टैक्सियों को पहियों को थाम दिए जाने के बाद श्रद्धालु परेशान हुए तो थाना प्रभारी व तहसीलदार ने मोर्चा संभाला और टैक्सी यूनियन को समझाईश देकर दर्शनार्थियों को टैक्सी में बैठाकर नीचे तक छुड़वाया. उसके बाद स्थिति सामान्य हुई.
नहीं चला सकते निजी वाहनों के साथ टैक्सी
कलेक्टर के आदेश अनुसार 100 टैक्सियां श्रद्धालुओं को मंदिर लाने ले जाने के लिए व्यवस्था की थी जिसमें कुछ टैक्सियां बाहर से भी बुलानी पड़ी थीं. दर्शनार्थियों के लिए पेयजल एवं छांव की व्यवस्था टैक्सी यूनियन द्वारा की गई थी.परंतु निजी वाहन चलने की वजह से हमने टैक्सियां बंद कर दी हैं.
प्रखर नायक, टैक्सी यूनियन संघ अध्यक्ष
देवी धाम सलकनपुर में मंगलवार को भीड़ कम होने की वजह से निजी वाहनों को सड़क मार्ग से मंदिर जाने दिया गया था. भीड़ बढ़ती है तो निजी वाहनों को पुन: प्रतिबंधित कर टैक्सियों द्वारा मंदिर भेजा जा सकता है.
रवि शर्मा, एसडीओपी बुधनी
