
छिंदवाड़ा। चोरी के संदेह में एक युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने का मामला हत्या में बदल गया. डॉक्टर और उसके साथियों ने युवक को खंभे से बांधकर लाठी-डंडों व पाइप से इतना पीटा कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने डॉक्टर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं.
देहात थाना पुलिस के अनुसार 5 सितंबर की सुबह परतला क्षेत्र में झाड़ियों में पोआमा निवासी रामकृष्ण उईके (27 वर्ष) बेहोशी की हालत में मिला. राहगीरों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 6 सितंबर को उसकी मौत हो गई. परिजनों की शंका और पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि चित्रकूट कॉम्प्लेक्स निवासी डॉक्टर आशीष गुप्ता (44), राजा मरकाम, मोनू उर्फ नंदलाल चौरे, नमन उईके, चंचलेश सूर्यवंशी और नीलू उर्फ नीलेश कहार ने मिलकर रामकृष्ण की पिटाई की थी.
जांच में सामने आया कि मृतक पिछले तीन साल से डॉक्टर गुप्ता के पास ड्राइवर था. कुछ दिन पहले डॉक्टर की मां के सोने के कंगन गुम हो गए थे, जिन पर चोरी का संदेह रामकृष्ण पर किया गया. इसी शक में आरोपी उसे परतला स्थित खेत पर ले गए, पहले शराब पिलाई और फिर खंभे से बांधकर बांस की लाठी और प्लास्टिक पाइप से बेरहमी से पीटा.
फिलहाल पुलिस ने डॉक्टर गुप्ता, राजा मरकाम और मोनू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नमन उईके, चंचलेश सूर्यवंशी और नीलू कहार फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है.
