भोपाल। राजधानी के वार्ड-76 स्थित उडिय़ा बस्ती के एक मकान में 31 मार्च को दोपहर के समय आग लग गई। आग की लपटें आसपास की झुग्गियों को भी चपेट में ले रही थी। तभी रहवासी दौड़े और आग बुझाई। रहवासियों ने मिल कर 2 घंटे में आग पर काबू पाया । आगजनी की सूचना मिलते ही खेल मंत्री विश्वास सारंग मौके पर पहुंचे। जहां पर वार्ड पार्षद लकी राय और रहवासियों ने निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण की शिकायत की। पार्षद राय ने मंत्री सारंग को बताया कि निगम कमिश्नर को 3 बार मोबाइल पर कॉल किया, पर उन्होंने नहीं उठाया। फायर स्टेशन पर भी फोन लगाए लेकिन कुछ नहीं हुआ। इधर, बस्ती में आग फैल रही थी। यदि रहवासी खुद आग नहीं बुझाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
यह सुनकर मंत्री सारंग की नाराजगी भी बढ़ गई। उन्होंने मौके से ही निगम कमिश्नर को मोबाइल पर कॉल किया और फटकार लगा दी। कहा कि आप निगम कमिश्नर हो, पर आप फोन नहीं उठा रहे हो। मेरे फोन लगाने पर फायर बिग्रेड की गाड़ी आई। जिसमें न तो हूटर है और न ही पानी। यदि बस्ती वाले खुद आग नहीं बुझाते तो आगजनी में कई जानें चली जाती। मजाक हो गया। क्या नगर निगम कमिश्नर हो भई। लोग किससे बोले, बताओ।
आग की चपेट में आने से बची बस्ती
उडिय़ा बस्ती में कई झुग्गियां हैं। गनीमत रही कि रहवासियों की मदद से घर में लगी आग बुझा दी गई। यदि आग फैल जाती तो कई झुग्गियों को अपनी चपेट में ले सकती थी। जिस मकान में आग लगी, वह पूरी तरह से जल गया। इससे पहले शुक्रवार को भोपाल में एक बैठक में नगर निगम कमिश्नर के नहीं आने से नाराज सांसद आलोक शर्मा बैठक छोड़कर चले गए थे। अधिकारी ने उनका फोन तक नहीं उठाया था। सांसद ने नगर निगम अधिकारियों के रवैये पर सख्त एतराज जताते हुए इसे भोपाल की जनता और जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया था। विधायक भगवानदास सबनानी और महापौर मालती राय का कॉल भी कमिश्नर ने नहीं उठाया था।
